पात्रा चॉल घोटाले में जेल में बंद चल रहे शिवसेना सांसद संजय राउत ने पेशी के दौरान अपनी मां को एक भावुक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने शिवसेना की तुलना अपनी मां से की है. उन्होंने कहा है कि उन पर शिवसेना के साथ गद्दारी करने का दबाव डाला गया, लेकिन वे झुके नहीं.
अपने पत्र में राउत ने लिखा, 'मां, मैं जरूर वापस आऊंगा. शिवसेना भी हमारी मां है, क्योंकि आप मेरी मां हैं. मुझ पर अपनी मां के साथ बेईमानी करने का दबाव डाला गया.' संजय राउत ने पत्र में यह भी कहा है कि मुझे जेल जाना पड़ा, क्योंकि मैं उन धमकियों से नहीं डरता.
संजय राउत ने न्यायिक हिरासत में जाने से पहले सत्र अदालत में रहते हुए अपनी मां को यह भावुक पत्र लिखा. उन्होंने कहा कि अभी-अभी मेरी ईडी कस्टडी खत्म हुई है. मैं आपको यह पत्र न्यायिक हिरासत में जाने से पहले कोर्ट के बाहर बेंच पर बैठे हुए लिख रहा हूं. आपको पत्र लिखे हुए कई साल हो गए हैं. केंद्र सरकार ने यह पत्र लिखने का मौका दिया है.
शिवसेना सांसद ने यह पत्र अपनी मां को 8 अगस्त को लिखा है. पत्र को संजय राउत के ट्विटर अकाउंट से शेयर भी किया गया है. इस चिट्ठी में संजय राउत ने शिवसेना की तुलना अपनी मां से की है.
राउत ने कहा, 'आपने (मां) हमारे दिमाग में यह अंकित कर दिया है कि हमें शिवसेना के प्रति वफादार रहना चाहिए.' उन्होंने कहा कि हम दुश्मन के आगे नहीं झुकेंगे. यह स्वाभिमान हमने आपसे सीखा है. आपने हमें शिवसेना के साथ बेईमानी करना नहीं सिखाया है.
संजय राउत ने यह भी कहा कि मुश्किल वक्त में शिवसेना अकेली पड़ गई तो बालासाहेब क्या सोचेंगे? राउत ने यह भी कहा है कि वह भी देश की सीमाओं पर लड़ रहे सैनिकों की तरह अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं.
प्रात्रा चॉल घोटाले में चार्जशीट जारी हो चुकी है. चार्जशीट में बताया गया है कि साल 2006-07 में संजय राउत ने MHADA के अधिकारियों के साथ कई बैठकों में हिस्सा लिया था. वो तमाम बैठकें पात्रा चॉल को लेकर ही हुई थीं. उन बैठकों के बाद ही इस मामले में राकेश वधावन की भूमिका शुरू हुई थी, जिन्होंने रीडेवलपमेंट के काम के लिए GuruAshish Construction Pvt Ltd को चुना.
राउत पर बड़ा आरोप ये भी है कि पात्रा चॉल घोटाले में जो पैसे मिले उससे उन्होंने Kihim और अलीबाग में जमीन खरीदी. कुछ खरीददारों ने जांच एजेंसी के सामने इसकी पुष्टि भी कर दी है. इसके अलावा राउत ने अपनी पत्नी के नाम पर भी संपत्ति ली है. चार्जशीट के मुताबिक राउत की पत्नी के नाम पर दादर में एक फ्लैट लिया गया है. वहीं घोटाले वाले पैसों के जरिए संजय राउत के परिवार ने विदेशी दौरे भी किए हैं. ऐसे में राउत के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का एक मजबूत मामला बना है.