कर्नाटक के कांग्रेस विधायक एनवाई गोपालकृष्ण ने अपने विधानसभा क्षेत्र मोलकालमुरु की अनदेखी का आरोप लगाते हुए बड़ी बात कह दी है. उन्होंने कहा कि अगर मोलकालमुरु पर इसी तरह ध्यान नहीं दिया जाना है तो बेहतर होगा कि इसे पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में मिला दिया जाए. उन्होंने मोलकालमुरु को चल्लकेरे तालुक में मिलाने का विकल्प भी सुझाया है.
चित्रदुर्ग जिले में मौजूद है मोलकालमुरु
मोलकालमुरु कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में मौजूद है. विधायक गोपालकृष्ण ने अपने क्षेत्र के विकास और उसे पर्याप्त महत्व नहीं मिलने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि दूसरे इलाकों पर सबकी नजर जाती है, लेकिन मोलकालमुरु किसी को दिखाई नहीं देता.
गोपालकृष्ण ने कहा, 'मोलकालमुरु किसी को दिखाई नहीं देता. दूसरी जगहें सभी को दिखाई देती हैं, लेकिन इस शहर को हमेशा नजरअंदाज किया जाता है. यहां तक कि यहां विधायक भी दोबारा नहीं चुने जाते.' उन्होंने आगे कहा कि लगातार उपेक्षा के कारण उन्हें काफी दुख होता है. कांग्रेस विधायक ने कहा, 'इस शहर को आंध्र प्रदेश में मिला देना बेहतर होगा या फिर इसे चल्लकेरे तालुक में मिला दिया जाए. इससे मुझे बहुत पीड़ा होती है.'
क्षेत्र की अनदेखी पर जताई नाराजगी
कांग्रेस विधायक का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उन्होंने अपने ही राज्य में अपने निर्वाचन क्षेत्र को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने का आरोप लगाया है. उनके बयान में मोलकालमुरु के प्रति कथित प्रशासनिक और राजनीतिक उपेक्षा को लेकर नाराजगी साफ दिखाई दी. मोलकालमुरु कर्नाटक-आंध्र प्रदेश सीमा के करीब स्थित चित्रदुर्ग जिले का हिस्सा है. गोपालकृष्ण ने अपने बयान में एरिया की उपेक्षा का जिक्र किया है, कांग्रेस विधायक की टिप्पणी पर कर्नाटक सरकार या पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.