राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के छह सांसदों ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस दाखिल किया है. सांसदों ने आरोप लगाया है कि खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ 'अपमानजनक, अवमाननापूर्ण और असम्मानजनक' टिप्पणियां की हैं, जिससे संसद और उसके सदस्यों की गरिमा को ठेस पहुंची है. इस मामले को अब राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया गया है.
राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने इस नोटिस को परीक्षण, जांच और रिपोर्ट के लिए विशेषाधिकार समिति को भेजने का फैसला किया है. राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया कि सभापति ने 16 जून 2026 को नियम 203 के तहत इस मामले को समिति को सौंपा. यह नोटिस भाजपा सांसद बृजलाल, मिथिलेश कुमार, सुमित्रा बाल्मिक, शिवेश कुमार, सिकंदर कुमार और नागेंद्र राय ने संयुक्त रूप से दाखिल किया है.
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार और जानबूझकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे संसद की गरिमा कम हुई है. सांसदों ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से मर्यादित भाषा और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है. उनका आरोप है कि खड़गे की टिप्पणियां संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं.
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यह विशेषाधिकार नोटिस राज्यसभा की कार्यवाही और कामकाज संचालन नियमावली के नियम 188 के तहत दाखिल किया गया है. नियम 188 के तहत कोई भी सदस्य सदन की गरिमा, विशेषाधिकार या संसदीय परंपराओं के उल्लंघन के मामले में विशेषाधिकार हनन नोटिस दे सकता है. राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष हैं. समिति के अन्य सदस्यों में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, दीपक प्रकाश, सुमेर सिंह सोलंकी, सुरेंद्र सिंह नगर, मनन कुमार मिश्रा और निर्दलीय सांसद कार्तिकेय शर्मा शामिल हैं.
अब विशेषाधिकार समिति इस मामले की जांच करेगी और यह तय करेगी कि खड़गे की टिप्पणियां वास्तव में सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन करती हैं या नहीं. जांच पूरी होने के बाद समिति अपनी रिपोर्ट सभापति को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.