दिल्ली के ऐतिहासिक विरोध स्थल जंतर-मंतर को डिनोटिफाई करने और विरोध प्रदर्शनों को रामलीला मैदान या बुराड़ी स्थानांतरित करने के फैसले पर देश में एक बड़ी राजनीतिक बहस शुरू हो गई है. इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि जंतर-मंतर राजधानी के बीचों-बीच स्थित है, जहां कई महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तर, अस्पताल और संस्थान हैं. ऐसे में वहां लगातार होने वाले आंदोलनों से आम जनता को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है.