देश को अस्थिर करने के आरोपों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक प्रवक्ताओं में तीखी बहस हुई. पूर्व डीजीपी ने संवैधानिक तरीकों और शांतिपूर्ण विरोध पर जोर दिया, वहीं कांग्रेस प्रवक्ता ने एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया. बीजेपी ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का दावा किया.