मणिपुर में पिछले साल फरवरी से लागू राष्ट्रपति शासन अब हटने वाला है. बुधवार को एनडीए विधायक दल के नेता वाई. खेमचंद सिंह ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर राज्य में नई सरकार बनाने का दावा पेश किया.
भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी ने बताया कि खेमचंद सिंह के नेतृत्व में एनडीए का एक प्रतिनिधिमंडल राजभवन (लोक भवन) पहुंचा. इस मुलाकात में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ भी मौजूद थे. सबसे खास बात यह रही कि राज्यपाल से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में चुराचांदपुर और फेरज़ॉल जैसे कुकी-ज़ो बहुल जिलों के दो विधायक भी शामिल थे, जो राज्य में समावेशी राजनीति की ओर एक बड़ा संकेत है.
मणिपुर में पिछले एक साल से जारी अशांति के कारण राष्ट्रपति शासन लागू था. अब एक निर्वाचित सरकार के गठन से राज्य में शांति बहाली की उम्मीदें बढ़ गई हैं. 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा, जिसका कार्यकाल वर्ष 2027 तक है.
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इस सरकार का सबसे महत्वपूर्ण पहलू नेमचा किपगेन की उपमुख्यमंत्री के रूप में नियुक्ति है. कुकी समुदाय से आने वाली किपगेन का चयन राज्य में जातीय तनाव को कम करने और सद्भाव बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
मणिपुर में पिछले साल 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है. तब भीषण जातीय हिंसा के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को इस्तीफा देना पड़ा था.जैसे ही बीरेन सिंह ने इस्तीफा दिया तो उसके चार दिन बाद केंद्र सरकार ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था.