देश में इस समय मौसम के दो बिल्कुल अलग रूप देखने को मिल रहे हैं. एक तरफ दक्षिण भारत का केरलम है, जहां तिरुवनंतपुरम, कोच्चि और आसपास के इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है. वहीं दूसरी तरफ उत्तर और मध्य भारत नौतपा की भीषण गर्मी से झुलस रहा है. राजस्थान से लेकर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी और मध्य प्रदेश तक लोग अधिक तापमान और तेज लू से परेशान हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण केरल में लगातार तेज बारिश हो रही है. तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और कोझिकोड जैसे इलाकों में कई जगहों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली.
IMD ने पहले अनुमान लगाया था कि मानसून 26 मई तक केरलम पहुंच जाएगा, लेकिन मानसूनी हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ने से इसकी आधिकारिक एंट्री में कुछ दिनों की देरी हो सकती है. हालांकि प्री-मानसून बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी है और मौसम सुहाना बना हुआ है.
उत्तर भारत में नौतपा का कहर, राजस्थान सबसे ज्यादा तप रहा
वहीं दूसरी तरफ उत्तर भारत में नौतपा अपने चरम पर पहुंच चुका है. राजस्थान इस समय देश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है. बाड़मेर में तापमान करीब 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि फलोदी और श्रीगंगानगर में भी पारा 47 डिग्री के आसपास बना हुआ है. राजधानी दिल्ली में कई इलाकों का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है. हरियाणा के सिरसा और पंजाब के बठिंडा में भी तेज लू और झुलसाने वाली गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है.
यूपी-एमपी में भी लू से लोग बेहाल
नौतपा का असर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी लगातार बढ़ता रहा है. उत्तर प्रदेश का बांदा इस समय राज्य का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है, जहां तापमान करीब 47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं झांसी और बुंदेलखंड क्षेत्र में तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. इसके अलावा मध्य प्रदेश के खजुराहो, टीकमगढ़ और नौगांव जैसे इलाकों में भी तेज धूप और लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षी भी इस गर्मी से बेहाल नजर आ रहे हैं.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली सूखी और बेहद गर्म हवाओं की वजह से इस बार नौतपा ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है. मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया है. विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मानसून उत्तर भारत की तरफ तेजी से आगे नहीं बढ़ता, तब तक लोगों को इस झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है.