आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान चल रहा है. विशाखापट्टनम में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक तस्कर को रंगे हाथों पकड़ लिया गया. डॉग स्क्वॉड की नई सदस्य लाइका ने अपनी तेज सूंघने की क्षमता से आरोपी तक पहुंचने में मदद की. आरोपी ट्रेन में छिपाकर 6 किलो गांजा ले जा रहा था, लेकिन लाइका सीधे उसके पास पहुंच गई और पुलिस टीम ने तुरंत उसे दबोच लिया.
शहर में गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है. रेलवे स्टेशन, आरटीसी कॉम्प्लेक्स, बीच रोड और अन्य स्थानों पर चेकिंग चल रही है.
डॉग स्क्वॉड टीम ने ट्रेन में तलाशी अभियान चलाया. जांच के दौरान नारकोटिक्स डॉग लाइका ने संदिग्ध सामान की पहचान की. जब पुलिस ने उस स्थान की तलाशी ली, तो वहां से करीब 6 किलो गांजा बरामद हुआ. लाइका को हाल ही में ट्रेनिंग दी गई है. उसने पहली बार में ही तस्करी के नेटवर्क को उजागर कर दिया.
यह भी पढ़ें: नशा तस्करों के ठिकानों पर चला बुलडोजर... 22 साल के आरोपी को पकड़ा गया, तलाशी में मिला गांजा
बरामद किए गांजे को आगे की कार्रवाई के लिए गोपालपट्टनम पुलिस के हवाले कर दिया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गांजे को कहां से लाया जा रहा था. इसे कहां पहुंचाया जाना था. साथ ही इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है.

शहर पुलिस आयुक्त डॉ. शंखब्रत बागची के निर्देश पर अभियान चल रहा है. उन्होंने इस सफलता पर नारकोटिक्स डॉग लाइका, उसके हैंडलर और पूरी टीम की सराहना की है. उन्होंने कहा कि शहर को नशामुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.
पुलिस के मुताबिक, कलेक्टर और नगर निगम (GVMC) के सहयोग से शहर में अतिरिक्त डॉग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं. ये विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग्स नशीले पदार्थों की पहचान करने में सक्षम हैं. कई मामलों में पुलिस की मदद कर चुके हैं.
आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड के संयोजन से नशे के कारोबार पर प्रभावी तरीके से लगाम लगाई जा सकती है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी नशीले पदार्थों की तस्करी की जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.