भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद विनय कटियार ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के मुद्दे पर जारी राजनीति पर आजतक से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि सभी को बुलावा भेजा गया है. कांग्रेसियों की बड़ी फौज दर्शन करने आएगी. किसी कांग्रेसी कार्यकर्ता से कोई मारपीट नहीं की गई है. शंकराचार्य के विरोध का सवाल है तो कुछ शंकराचार्य तो पहले से ही विरोध में रहे हैं, उनके लिए हम क्या कह सकते हैं. लेकिन अब सब विवाद खत्म हो चुका है.
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष के नेता भी आ रहे हैं. हो सकता है कि वह आगे पीछे आ रहे हों. यह मंदिर सबका है, इसलिए सभी आएंगे. राहुल गांधी तो आधे हिंदू हैं. इसलिए अगर वह इसे राजनीतिक इवें.ट कह रहे हैं तो उस पर क्या जवाब दें. सोनिया गांधी के आने की उम्मीद भी नहीं कर रहे. जो नहीं आ रहे हैं अच्छा है ऐसे लोगों को बुलाया भी नहीं जाना चाहिए.
प्राण प्रतिष्ठा में जाने से राहुल का इनकार
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में जाने से इनकार कर दिया था. सके पीछे की वजह बताते हुए राहुल गांधी ने कहा था,'22 जनवरी का इवेंट राजनीतिक कार्यक्रम है. हम सभी धर्मों के साथ हैं. मैं धर्म का फायदा उठाने की कोशिश नहीं करता, मुझे इसमें INTEREST नहीं. मुझे मेरे धर्म को शर्ट पर पहनने की जरूरत नहीं है. हालांकि, जो भी वहां जाना चाहता है, वो जा सकता है. लेकिन हम उस दिन वहां नहीं जाएंगे. हमारी पार्टी से भी कोई वहां जा सकता है. लेकिन हम राजनीतिक इवेंट में नहीं जाएंगे.'
धर्म के साथ निजी रिश्ता ठीक: राहुल
राहुल गांधी ने कहा था कि ,'जो मेरी सोच है वह यह है कि जो सचमुच में धर्म को मानता है वह धर्म के साथ निजी रिश्ता रखता है. मैं धर्म के सिद्धांतों से अपनी जिंदगी जीने की कोशिश करता हूं. लोगों के साथ ठीक से बर्ताव करता हूं, उनकी इज्जत रखता हूं. मैं नफरत नहीं फैलाता हूं.'