तमिलनाडु में शानदार जीत के बाद एक्टर विजय की पार्टी टीवीके सरकार बनाने जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) ने सूबे के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलने का वक्त मांगा है. पार्टी सरकार बनाने के मुद्दे पर गवर्नर से बात करना चाहती है. पार्टी ने अपने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतीं, लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें पीछे रह गई.
सरकार बनाने के लिए चुनाव के बाद ज़ोरदार बातचीत का दौर शुरू हो गया है. पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाक़ात करने के लिए विजय टीवीके दफ्तर पहुंचे.
सभी 234 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती पूरी होने के बाद, TVK ने कुल 108 सीटें अपने नाम कीं. एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली 'द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम' (DMK) 59 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि 'ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम' (AIADMK) 47 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही. छोटी पार्टियों का प्रदर्शन औसत रहा. कांग्रेस ने पांच सीटें जीतीं, जबकि 'पट्टाली मक्कल काची' के हिस्से चार सीटें गईं.
राजभवन को भेजा गया पत्र
मदुरै सेंट्रल से विधायक VMS मुस्तफा ने कहा, “टीवीके गरीबों की पार्टी है और सरकार बनाएगी. हम सभी पार्टियों से बात करेंगे. हमारे नेता विजय यह फ़ैसला लेंगे कि हमें किसके साथ गठबंधन करना है. हमने राजभवन को एक पत्र भेजा है.”
भले ही टीवीके बहुमत से थोड़ी पीछे रह गई हो, लेकिन उसका ज़बरदस्त प्रदर्शन तमिलनाडु की सियासत में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसने विजय को सरकार बनाने की कोशिशों के केंद्र में ला दिया है. सूत्रों के मुताबिक, टीवीके ने अपना 'प्लान बी' शुरू कर दिया है, जिसके तहत वह बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए संभावित सहयोगियों से बातचीत के रास्ते खोल रहा है.
खबरों के मुताबिक, कांग्रेस और पीएमके, टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं. बातचीत के हिस्से के तौर पर, दोनों ही पार्टियां अपने लिए दो-दो मंत्री पद चाहती हैं. इस बीच, वामपंथी दल आपस में विचार-विमर्श कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक कोई आखिरी फैसला नहीं लिया है.
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अन्य क्षेत्रीय दल, जैसे कि विदुथलाई चिरुथईगल काची (VCK) और देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कज़गम (DMDK) अपने अगले कदम उठाने से पहले अंतिम नतीजों का इंतज़ार कर रहे हैं. जैसे-जैसे गठबंधन को लेकर बातचीत तेज़ हो रही है, अब सभी की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विजय बहुमत का आंकड़ा पार करने और तमिलनाडु में अगली सरकार बनाने के लिए ज़रूरी संख्या जुटा पाएंगे.