
पश्चिम एशिया में जंग के चलते तनाव लगातार बना हुआ है. दुनियाभर में तेल और गैस संकट गहराता जा रहा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट से वैश्विक स्तर पर परेशानी बढ़ रही है. भारत के कई तेल और गैस से लदे जहाज भी इस मार्ग में फंसे हैं, जिन्हें निकालने के लिए भारत लगातार प्रयास कर रहा है.
इसी बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है. भारत के लिए पेट्रोलियम उत्पाद लेकर आ रहे दो और व्यापारिक जहाज इस समय स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजर रहे हैं. वहीं, भारतीय नौसेना के युद्धपोत जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए तैयार हैं.
भारतीय नौसेना ने खाड़ी क्षेत्र में अपने युद्धपोत तैनात किए हैं ताकि व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा और सहयोग मिल सके. नौसैनिक इकाइयां भारतीय ध्वज वाले और भारत की ओर आ रहे जहाज़ों की मदद के लिए तैनात हैं.
यह तैनाती इस अहम समुद्री मार्ग से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है.

शनिवार को भी दो LPG टैंकरों ने BW ELM और BW TYR जारी जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट को पार किया है. BW ELM की कुल लंबाई (LOA) 225.27 मीटर और चौड़ाई 36.62 मीटर है, जबकि BW TYR की कुल लंबाई (LOA) 225 मीटर और चौड़ाई 36.6 मीटर है.
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5 देशों के लिए रास्ता साफ: ईरान
ईरान ने जारी जंग के बीच 5 देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित रास्ता देने की जानकारी दी है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है, बल्कि यह विशेष मार्ग उसके मित्र देशों के लिए खुला है. भारत समेत चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाज़ों को सुरक्षित रास्ता देने की अनुमति दी गई है.
वहीं, ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान अब शांतिदूत की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है. जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने अमेरिका की 15-सूत्रीय शांति योजना ईरान तक पहुंचाने में मदद की है. यह संदेश बैक-चैनल के जरिए भेजा गया. बता दें, ईरान ने पाकिस्तान के 20 जहाज़ों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है.