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'हमारा तो एकला चलो है...', जब लोकसभा में बोलीं टीएमसी सांसद सयानी घोष

लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए टीएमसी सांसद सयानी घोष ने सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने सांसदों के निलंबन का मुद्दा भी उठाया और ईडी-सीबीआई का भी उल्लेख किया.

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सयानी घोष ने सरकार को घेरा (Photo: Screengrab)
सयानी घोष ने सरकार को घेरा (Photo: Screengrab)

लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर दूसरे दिन डिबेट जारी है. तल्ख और गर्मागर्मी भरी डिबेट में एक मौका ऐसा भी आया, जब एक विपक्षी सदस्य की बात पर चेयर पर बैठे दिलीप सैकिया से लेकर सत्ता पक्ष के सदस्य तक हंसी नहीं रोक पाए. यह वाकया हुआ पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की सदस्य सयानी घोष की स्पीच के दौरान.

दरअसल, टीएमसी सांसद सयानी घोष जब बोलने के लिए खड़ी हुईं, कांग्रेस के कुछ सदस्य भी अपनी सीट पर खड़े थे. सयानी घोष ने बोलना शुरू ही किया था कि चेयर से दिलीप सैकिया ने अपनी सीट पर खड़े सदस्यों से बैठने का आग्रह किया. इस पर सयानी घोष ने चेयर से यह आग्रह किया कि मेरा समय मत काटिएगा. दिलीप सैकिया ने उन्हें समय नहीं काटने का आश्वासन दिया और कहा कि ये तो आपके सहयोगी हैं. इनसे कहिए कि बैठ जाएं.

चेयर की इस बात पर हंसते हुए सयानी ने कहा कि सर हमारा तो एकला चलो है, आपको पता ही है. इस पर पीठासीन भी अपनी हंसी नहीं रोक सके और ट्रेजरी बेंच से लेकर विपक्ष तक, सभी हंस पड़े. सयानी घोष ने अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि ओम बिरला से मुझे कोई निजी दुश्मनी, द्वेष नहीं है. उन्होंने कहा कि साल 2014 के पहले संसद कैसे चलती थी, मुझे तो पता नहीं क्योंकि मैं यहां थी नहीं. उन्होंने हर साल सदन चलने के आंकड़े बताए.

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सयानी घोष ने कहा कि टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने राज्यसभा में प्राइवेट मेंबर्स बिल के जरिये यह प्रस्ताव दिया कि कम से कम सौ दिन संसद बैठे. उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम है सवाल उठाना, सत्तापक्ष का काम है जवाब देना और चेयर का काम है सदन चलाना. सयानी घोष ने कहा कि सरकार ने पॉलिसी मेकिंग प्लेटफॉर्म को अपना प्रचार तंत्र बना दिया है. सीएजी रिपोर्ट्स बननी बंद हो गई हैं. पब्लिक अकाउंट्स कमेटी का काम क्या है. बीजेपी की सरकार ने रेल मंत्रालय के बजट को आम बजट में मर्ज कर दिया.

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उन्होंने कहा कि आप (सरकार) रात के 12 बजे, 1 बजे बिल लेकर आते हैं. हमें कुछ घंटे पहले जानकारी मिलती है और आप हमसे यह उम्मीद करते हैं कि रीड, रिसर्च करें. सयानी घोष ने कहा कि आधे से ज्यादा बिल तो इस सदन में बिना चर्चा के पास हो जाते हैं. आप मणिपुर पर विपक्ष के दबाव में आकर चर्चा करने को मजबूर हुए. किया भी कब. रात के दो बजे, जब देश सो रहा  था. सयानी घोष ने कहा कि एसआईआर के चलते पूरे देश में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. कई लोगों ने आत्महत्या कर ली.

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बाहर बुल्डोजर चलाएंगे, अंदर भी...

सयानी घोष ने कहा कि आपने मतदाताओं के आत्मसम्मान को कुचलने का काम किया है. बाहर प्रोटेस्ट करें तो एफआईआर होगा, ईडी-सीबीआई होगी और अंदर प्रोटेस्ट करें तो सस्पेंड होंगे. उन्होंने कहा कि हमारे साथी बाहर मकर द्वार पर बैठे हैं. आप सोचते हैं कि हम प्रोटेस्ट ना करें. बाहर भी बुल्डोजर चलाएंगे, अंदर भी. सयानी घोष ने बीजेपी के सांसदों और विधायकों के आंकड़े गिनाते हुए कहा कि हम अपने नेता का नाम एक से दो बार ले लें, तो टोक दिया जाता है और ट्रेजरी बेंच वाले अपनी पार्टी का नाम जपते रहें.

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उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी को मैग्जीन कोट करने की अनुमति नहीं है और एक सांसद हैं, उनको इसी सदन में किताब लहराने की इजाजत है. सयानी घोष ने कहा कि विपक्ष के नेता का सलाहकार कोई नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री का सलाहकार बनकर आपने उनको सदन में आने से रोक दिया. आपने तो हमें देश के सामने आतंकवादी घोषित कर दिया. आतंकी आते हैं और साइकिल से चले जाते हैं. उन्होंने कहा कि आप उनको रोक नहीं पाते. इस सदन को किसी पार्टी का ऑफिस मत बनने दीजिए. पहली बार की सांसद हूं और इसी टर्म में ये प्रस्ताव लाना पड़ रहा है. चाहती हूं कि ओम बिरला के चेहरे की हंसी बरकरार रहे.
 

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