राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) इस साल अपनी स्थापना के 100 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है. इस खास मौके पर संगठन ने एक बड़ा लक्ष्य तय किया है, जिसके तहत देशभर में शाखाओं का विस्तार करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाने पर जोर दिया जाएगा. अपनी इस मुहिम को कामयाब बनाने के लिए संघ अब घर-घर संपर्क, बड़े सम्मेलन और जनसंपर्क जैसे विशेष कार्यक्रम चलाने की तैयारी में है.
शताब्दी वर्ष पर खास फोकस
हाल ही में आयोजित एक अहम बैठक में RSS के संयुक्त महासचिव सीआर मुकुंद ने बताया कि शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में समाज के साथ जुड़ाव को और भी गहरा किया जा रहा है. इसके लिए गृहसंपर्क यानी घर-घर जाकर लोगों से मिलने का अभियान चलाया जा रहा है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस अभियान के जरिए अब तक देशभर के 10 करोड़ से ज्यादा घरों तक पहुंच बनाई जा चुकी है, साथ ही 3 लाख से ज्यादा गांवों में संघ के स्वयंसेवक सीधे लोगों से जुड़ चुके हैं.
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शाखाओं के विस्तार की नई योजना
संघ की योजना आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा नए इलाकों में शाखाएं शुरू करने की है. इसके साथ ही समाज के हर वर्ग को साथ लाने के लिए कई तरह के आयोजनों की रूपरेखा तैयार की गई है. इसमें न केवल हिंदू और युवा सम्मेलन शामिल हैं, बल्कि प्रमुख नागरिकों की बैठकें और आपसी भाईचारे से जुड़े कार्यक्रम भी बड़े स्तर पर आयोजित किए जाएंगे. संघ का मानना है कि इन कोशिशों से न केवल समाज में संवाद बढ़ेगा, बल्कि लोगों की भागीदारी भी और मजबूत होगी.
केरल में अलग-अलग समुदायों तक पहुंच
जनसंपर्क की इस कड़ी में केरल से भी दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं. मुकुंद के मुताबिक, केरल में अभियान के दौरान 55 हजार से ज्यादा मुस्लिम परिवारों और 54 हजार से ज्यादा ईसाई परिवारों तक पहुंच बनाई गई. खास बात यह रही कि कई जगहों पर संघ के स्वयंसेवकों का काफी गर्मजोशी से स्वागत किया गया. इसके अलावा, संगठन ने आदिवासी इलाकों में भी अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए वहां के लोगों से सीधा संपर्क साधा है.
'पंच परिवर्तन' पहल से बदलाव की कोशिश
इस बैठक में संघ की 'पंच परिवर्तन' पहल पर भी विस्तार से चर्चा हुई. इस पहल का असली मकसद समाज में पांच बुनियादी बदलाव लाना है, जिसमें सामाजिक भाईचारा, पारिवारिक मूल्यों की मजबूती, पर्यावरण की रक्षा, आत्मनिर्भरता और नागरिकों के कर्तव्यों का पालन शामिल है. संघ का कहना है कि इन क्षेत्रों में काम करके समाज में एक सकारात्मक और बड़ा बदलाव लाया जा सकता है.
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तीन दिनों की महाबैठक में बनी रणनीति
हरियाणा के समालखा में RSS की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली संस्था 'अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा' की तीन दिवसीय बैठक संपन्न हुई. इस बैठक का आगाज संघ प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने किया था. इस महामंथन में देशभर से करीब 1487 कार्यकर्ता और कई सहयोगी संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए, जिन्होंने आने वाले समय की रणनीति और संघ की गतिविधियों पर अपनी मुहर लगाई.