देश में प्री-मानसून गतिविधियां अब धीरे-धीरे तेज हो गई हैं. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और उत्तर श्रीलंका के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अब मजबूत हो रहा है और उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है. इसके साथ जुड़ा चक्रवाती सिस्टम समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है. इसी वजह से आने वाले दो दिन में यह सिस्टम और सक्रिय हो सकता है, जिससे बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी. दक्षिण भारत, अंडमान-निकोबार और बंगाल की खाड़ी के आसपास पहले ही इसका असर दिखना शुरू हो गया है.
इसके अलावा देश में कई और मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं. पश्चिम राजस्थान और उसके आसपास चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड के आसपास भी मौसम प्रणाली सक्रिय है. इनकी वजह से कई राज्यों में बादल, आंधी और हल्की बारिश की स्थिति बन रही है.
पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में भी रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक देखने को मिल रही है. वहीं पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी कई जगहों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई है. अंडमान-निकोबार और दक्षिण तमिलनाडु में कुछ जगह भारी बारिश हुई है, जबकि केरल, कर्नाटक और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली है.
लेकिन दूसरी तरफ पश्चिम भारत का हाल अलग है. राजस्थान, गुजरात और विदर्भ के कई इलाकों में तेज गर्मी और लू का असर बना हुआ है. कुछ जगहों पर हालात गंभीर हीटवेव तक पहुंच गए हैं, जिससे दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है.
आज की बात करें तो स्काईमेट के मुताबिक, तमिलनाडु और अंडमान-निकोबार में बारिश जारी रहने की संभावना है. पूर्वोत्तर भारत, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश में भी कहीं-कहीं बारिश के आसार हैं.
मौसम विभाग का कहना है कि अलग-अलग हिस्सों में कई सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जिसकी वजह से देश में कहीं बारिश, कहीं गर्मी और कहीं सामान्य मौसम की स्थिति बनी हुई है. वहीं, IMD ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं. बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार में बन रहे लो प्रेशर सिस्टम से मानसून की शुरुआती गतिविधियां तेज हो सकती हैं. हालांकि, इस साल एल नीनो की आशंका के चलते मॉनसून सामान्य से कम बारिश देने की संभावना भी जताई गई है.