केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के किराए के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने गुरुवार को बताया कि ED अधिकारियों और उनके वाहनों पर हमला करने के आरोप में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस हिंसा में ED अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों के वाहनों पर हमला किया गया था.
केरल पुलिस के मुताबिक, घटना के सिलसिले में स्थानीय CPI(M) नेता आई पी बीनू समेत कुछ अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने करीब 300 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आरोपियों पर गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, रास्ता रोकने और हत्या की कोशिश जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं.
घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य पुलिस प्रमुख (DGP) रावड़ा ए. चंद्रशेखर ने गृह मंत्री रमेश चेन्निथला से उनके आवास पर मुलाकात की. बैठक के बाद DGP ने मीडिया को बताया कि जांच सही दिशा में चल रही है और हिंसा में शामिल कई अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है. गृह मंत्री ने दोषियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
DGP चंद्रशेखर ने यह भी स्पष्ट किया कि ED ने इस छापेमारी के बारे में पुलिस को पहले से कोई लिखित सूचना नहीं दी थी. उन्होंने कहा, "हमें पहले से कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन जैसे ही सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, हमने तुरंत कार्रवाई की और विजयन के आवास के आसपास पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया."
पुलिस के अनुसार, बुधवार को ED की टीम पूर्व मुख्यमंत्री विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित बेकरी जंक्शन आवास और कन्नूर स्थित स्थायी निवास समेत कुल 10 जगहों पर छापेमारी करने पहुंची थी. यह कार्रवाई विजयन की बेटी वीणा टी से जुड़े कथित CMRL मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई.
एफआईआर के मुताबिक, ED अधिकारियों की टीम जैसे ही वहां से निकल रही थी, भीड़ ने उनके वाहनों पर लाठी, पत्थर और ईंटों से हमला कर दिया. इस दौरान एक अधिकारी के हाथ में चोट लगी, जबकि एक वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया. स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और केरल पुलिस के जवानों पर भी हमला किया गया.
पुलिस ने बताया कि सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया है और करीब 3 लाख रुपये की संपत्ति क्षति का अनुमान है. मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. इनमें धारा 109 के तहत हत्या की कोशिश का आरोप भी शामिल है, जिसमें 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है.
राज्य पुलिस प्रमुख ने कहा कि ED ने छापेमारी से पहले स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी थी. हालांकि ऑपरेशन शुरू होने के बाद सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया था.