Parliament Monsoon Session लोकसभा में मंगलवार को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा की शुरुआत हुई थी. इस बिल पर दो दिन चर्चा चली. इस बिल पर 10 घंटे मैराथन चर्चा चली. इसके बाद मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने बिल पर चर्चा का जवाब दिया और फिर इसे पारित किए जाने के लिए पेश किया. यह बिल ध्वनिमत से पारित हो गया है.
जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के हंगामे के बीच ही इस चर्चा का जवाब दिया. वहीं, राज्यसभा से वंदे मातरम् बिल पारित हो गया है. राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने एक दिन पहले सीपीएम के दिल्ली कार्यालय पर रेड का मुद्दा उठाया. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए सरकार को घेरा. वहीं, नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि यह सामान्य बात है. जेपी नड्डा ने कहा कि स्टूडेंट एक्टिविस्ट के तौर पर मैं भी दो बार गिरफ्तार हुआ हूं.
डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा का जवाब दिया. इसके बाद विपक्ष के हंगामे के बीच ही इस बिल को संशोधनों के साथ पारित कर दिया गया. लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया.
डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने एक कहानी सुनाई. एक कहानी मैं भी सुनाता हूं 21 जुलाई की. ये हताश होकर प्रधानमंत्री के दरवाजे पर जा बैठे. इनकी हताशा हम समझ सकते हैं. बहुत समय से चाहते हैं कि देश की जनता इनको प्रधानमंत्री बनाए, 7 लोककल्याण मार्ग भेजे. जब इनसे कहा गया कि हट जाइए, इन्होंने कहा कि मुझे उठा लिया जाए. उन्होंने असम आंदोलन का उल्लेख करते हुए कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया. प्रियंका गांधी ने रोचक तथ्य बताया कि 150 से ज्यादा पेपर लीक हुए और 750 करोड़ से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए और कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. शायद वह ये भूल गईं कि 52 एफआईआर दर्ज हुई. वेणुगोपाल ने कहा कि हमने स्कूल बंद कर दिए. वे यह कहते कि उच्च शिक्षा के स्तर पर अवसरों में 30 परसेंट इजाफा हुआ है. हम चाहते तो थे, कि इस बिल पर गंभीर चर्चा हो.
लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू हो गई है. प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह एंटी पेपर लीक बिल पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं. डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस पर राजनीति करने का प्रयास हुआ, जो ठीक नहीं है. अगर कोई खुद को भी इडियट कहना चाहे, तो नहीं कह सकता. नेता प्रतिपक्ष को सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक प्रणाली के बुनियादी बिंदुओं की जानकारी का भी अभाव है. जब वो यह कहते हैं कि गृह मंत्री ने गोली चलाने का आदेश दिया और ऑथेंटिकेट नहीं कर सके, तो यह आदेश मजिस्ट्रेट देता है. दूसरी बात, गोली चली ही नहीं, तो आदेश का सवाल ही नहीं पैदा होता. फिर ये कहा कि गृह मंत्री के साथ 20 गाड़ियों का काफिला है. इतनी गाड़ियां गृह मंत्री के साथ कभी नहीं चलतीं. गृह मंत्री कभी भी विदेश नहीं गए. तथ्यों के बिना गैर जिम्मेदारी से बात कह देना और फिर निकल जाना, यह किसी जिम्मेदार नेता का व्यवहार हो ही नहीं सकता.
राहुल गांधी ने कहा है कि सिर्फ इतना पूछा है कि दो ही विकल्प हो सकते हैं. पहला विकल्प यह कि गृह मंत्री ने फायरिंग का आदेश दिया या दूसरा विकल्प यह है कि गृह मंत्री को मालूम ही नहीं था कि फायरिंग होने वाली है. पहले मामले में वह दोषी हैं. दूसरे मामले में वह अयोग्य हैं. तीसरा तो कोई विकल्प हो ही नहीं सकता. या तो गृह मंत्री को पता नहीं था कि गोली चल रही है, जिसका मतलब है कि वह अयोग्य हैं या फिर उन्होंने आदेश दिया, जिस स्थिति में वह दोषी हैं. मैं सिर्फ यही कह रहा हूं. यह सीधी-सी लॉजिक है.
लोकसभा में गतिरोध के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू लगातार बैठकें कर रहे हैं. गृह मंत्री पर राहुल गांधी के बयान से लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद रिजिजू ने अमित शाह के साथ बैठक की. इसके बाद स्पीकर की मौजूदगी में रिजिजू ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के साथ भी बैठक की. अब एक बार फिर रिजिजू गृह मंत्री शाह से मिलने पहुंचे हैं. किरेन रिजिजू और अमित शाह की इस दूसरे दौर की बैठक में पीयूष गोयल भी मौजूद हैं.
संजय सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् का अपमान न हो, इसके लिए वह पार्टी बिल लेकर आ रही है जिससे जुड़े आरएसएस के मुख्यालय पर 52 साल तक तिरंगा नहीं फहराया. आज वो लोग वंदे मातरम् को लेकर सख्त कानून बनाने की बात कर रहे है. एक पत्रिका है ऑर्गेनाइजर, उसने लिखा कि राष्ट्रगान एंटरटेनमेंट का विषय है. उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. हेडगेवार जी ने 1923 में लिखा. संघ की शाखाओं में तिरंगा क्यों नहीं फहराते. वंदे मातरम् हम भी लगाते हैं. इसका मतलब होता है मातृभूमि की वंदना. हम कहते हैं भारत माता की जय. आप भारत माता की बेटियों के सिर तोड़ते हैं दिल्ली में. मातृभूमि की वंदना तब होगी, जब आप बेटे-बेटियों, किसानों-मजदूरों का सम्मान करेंगे. आप सबका शोषण कर रहे हैं, सब पर लाठियां चला रहे हैं. जिन लोगों ने अब तक भारत के राष्ट्रगान, तिरंगे का अपमान किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई का भी बिल लेकर आइए. हम उसका भी समर्थन करेंगे.
राज्यसभा से विपक्षी कांग्रेस और अन्य दलों के सदस्य वॉकआउट कर गए हैं. विपक्ष के वॉकआउट के बाद भी सदन की कार्यवाही जारी है. राज्यसभा में चेयर पर उपसभापति हरिवंश हैं.
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही निशिकांत दुबे रूल बुक लेकर खड़़े हो गए. निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी इस सदन में खुद को भी इडियट नहीं कह सकते. हंगामा शुरू हुआ, तब चेयर से काकोली घोष दस्तीदार ने सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
पीयूष गोयल ने कहा कि राहुल गांधी ने बिल या उससे जुड़ी बहस पर एक भी शब्द नहीं बोला. राहुल गांधी के पूरे वक्तव्य में सिर्फ झूठ और हताशा दिखी. उन्होंने कहा कि सरकार ने बच्चों की चिंता की और उनके साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किया. जब कोई फायरिंग हुई ही नहीं, तो राहुल गांधी इस तरह का झूठा आरोप क्यों लगा रहे हैं? राहुल गांधी को देश और सदन से माफी मांगनी चाहिए. झूठे आरोपों के आधार पर दिए गए वक्तव्य को सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं होना चाहिए. यह सदन का घोर दुरुपयोग है. लगातार चुनावी हार के कारण वे फ्रस्ट्रेट हैं. जनता उन्हें लगातार पराजय दे रही है, इसलिए उनके पास झूठ और फरेब के अलावा कुछ कहने को नहीं बचा है.
राज्यसभा में विपक्ष के सदस्य वेल में आकर जोरदार हंगामा कर रहे हैं. विपक्ष के हंगामे के बीच वंदे मातरम् बिल पर चर्चा जारी है. सदन में टीडीपी के सांसद चिंतायकला बोल रहे हैं.
राहुल गांधी ने लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाया. इसके बाद किरेन रिजिजू ने बयान वापस लेने, माफी मांगने की मांग की. हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू अमित शाह से मिलने पहुंचे हैं. अमित शाह की रिजिजू के साथ चल रही मुलाकात के दौरान संबित पात्रा, अनिल बलूनी भी मौजूद हैं.
स्पीकर ने कहा कि सदन के अंदर ऐसा नहीं चल सकता. सदन में आप सबने नियम-प्रक्रिया बनाई है. अच्छी परंपराएं हैं. सदन का उपयोग नियम प्रक्रिया के तहत करें, ऐसी अपेक्षा मेरी आप सबसे है. स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 2 बजकर 30 मिनट तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी है.
राहुल गांधी ने कहा कि बलों का उपयोग गृह मंत्री के आदेश पर ही होता है, किसी और के आदेश पर नहीं. स्पीकर ने कहा कि आप मेरे कहने के बाद भी चेयर के आदेश की बार-बार अवहेलना कर रहे हैं, यह उचित नहीं है. विपक्षी सदस्यों ने जवाब दो, जवाब दो, गृह मंत्री जवाब दो के नारे लगाने शुरू कर दिया. लोकसभा में जोरदार हंगामा हो रहा है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आप होम मिनिस्टर के फायरिंग वाले ऑर्डर की कॉपी निकालिए. सदन में रखिए. ऑर्डर की कॉपी दिखाइए कि किस ऑर्डर नंबर के तहत गृह मंत्री ने किस अधिकारी को फायरिंग के ऑर्डर दिए. स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सदन नियम-प्रक्रिया से चलता है. सदन में कोई आरोप लगाते समय तथ्य देख लीजिए. राहुल गांधी ने कहा कि बोल सकते हैं सर. स्पीकर ने कहा कि बोल सकते हैं, लेकिन नियम-प्रक्रिया से बोल सकते हैं. राहुल गांधी ने कहा कि इनको बैठाइए. स्पीकर ने कहा- नो. इसके बाद स्पीकर ने कहा कि आप नहीं बोलना चाहते, तो अगले वक्ता को बुलाऊं फिर. आप तथ्यों पर बोलें. नेता प्रतिपक्ष हैं, जो बोला जाता है वह वर्षों तक कार्यवाही का हिस्सा रहता है. आप जो भी बोलें, मर्यादा के भीतर रहकर बोलें.
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष ने कोई गंभीर आरोप सरकार पर लगाया है, तो यह सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह स्पष्ट करे कि किसके आदेश पर पुलिस ने छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार किया है. किरेन रिजिजू ने कहा कि यह अलग बात है. राहुल गांधी ने सीधा नाम लेकर कहा है. इन्होंने अलग बात कहा है. इनक्वायरी की मांग ठीक है, हम समझते हैं. राहुल गांधी ने जो कहा है, वह बहुत गंभीर है. राहुल गांधी को माफी मांगनी होगी. स्पीकर ने कहा कि राहुल जी आप बिल पर बोलें. इनक्वायरी की मांग कर सकते हैं, लेकिन इस तरह की बात ना कहें. राहुल गांधी ने कहा कि सर जब आतंकी को गोली मारी जाती है. रिजिजू ने इतने पर ही रोकते हुए कहा कि आप गृह मंत्री का नाम लेकर जो शब्द इस्तेमाल किए, माफी मांगनी होगी. कल को कोई भी मेंबर उठकर कुछ भी बोलेगा. आपको कैसे ये पता चला और किस बेसिस पर आप बोल रहे हैं, ऐसा नहीं कर सकते हैं. राहुल गांधी ने किसी का मर्डर किया है. हम यहां बोल सकते हैं क्या ऐसा. आपको बताना पड़ेगा कि किस बेसिस पर आपने ऐसा बोला है.माफी मांगिए या फिर बताइए कि क्यों बोले, कैसे बोले. सदन ऐसे नहीं चलेगा. स्पीकर ने कहा कि आपने जिस तरह की बात बोली है, ऐसे शब्द कार्यवाही में नहीं जाने चाहिए. सदन के बाहर और सदन के अंदर.
राहुल गांधी ने पेपर तैयार करने से पहुंचाने और चेकिंग तक की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि ये एग्जाम सिस्टम नहीं, एक्सटॉर्शन सिस्टम है. ईमानदार छात्र इस दौड़ में पीछे हो रहा है. 30 से 40 लाख में पेपर लीक हो रहा है. राजनाथ सिंह ने कहा था कि ये यूपीए सरकार नहीं है, यहां मंत्रियों के इस्तीफे नहीं होते. धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया. उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां शिक्षा व्यवस्था में शामिल हैं. निजी कंपनियां परीक्षा करा रही हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है. धर्मेंद्र प्रधान नहीं, आरएसएस शिक्षा मंत्रालय चला रहा था. राहुल गांधी ने कहा कि हमने गृह मंत्री को कार केड में देखा. वह कहां हैं. उनमें सदन में बैठने का साहस नहीं है. स्पीकर ने कहा कि जिस विधेयक पर चर्चा हो रही है, उसके मंत्री यहां बैठे हैं. आज होम मिनिस्ट्री पर चर्चा नहीं है. जिस विधेयक पर चर्चा है, उसके मंत्री बैठे हैं. यही व्यवस्था रहती है सदन के अंदर. राहुल गांधी ने कहा कि आप छात्रों को गोली मारते हो, गृह मंत्री में साहस नहीं है कि यहां बैठें. इस पर लोकसभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह बहुत गलत बात राहुल गांधी ने बोली है. ऐसा नहीं बोल सकते. किस बेस पर ये बात बोली है. आपको फायरिंग के आदेश की बात किसने बताई. ट्रेजरी बेंच से राहुल गांधी के माफी मांगने की मांग उठी, तो विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी. विपक्षी सदस्य गृह मंत्री के माफी मांगने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं.
स्पीकर ने राहुल गांधी से बोलने के लिए कहा और पूछा कि अगर नहीं बोलने चाहते, तो अगले वक्ता को बुलाऊं. ऐसे मौके हमने पहले भी देखे हैं इसी सदन में जब आप नेता सदन को बोलने नहीं देते. किरेन रिजिजू ने कहा कि अच्छी डिबेट चल रही है, आप ऐसी परिस्थिति मत खड़ा कीजिए. प्रधानमंत्री को कई बार बोलने नहीं दिया. आज तो आपने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया. आपके शब्द पर आपत्ति है. इतना ही तो है. आप इमोशनल चेहरा दिखाकर गुमराह नहीं कर सकते. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि इस शब्द का इस्तेमाल किसी के लिए नहीं किया है, बस कैटेगरी बताई है जो है. अगर आप लोग चाहते हैं कि यहां सिर्फ बीजेपी बोले, तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं. कोई दिक्कत नहीं है. जब भी बोलता हूं, रिजिजू जी खड़े हो जाते हैं. आप उनको जगह दे रहे हैं. स्पीकर ने इस पर कहा कि सदन में अच्छी व्यवस्थाएं, मर्यादाएं रही हैं. हमें अच्छी मर्यादा बनाने का प्रयास करना चाहिए. जो सदन में मर्यादा तर्क से बोलता है, देश भी सुनता है और सम्मान भी करता है. शब्दों का चयन ऐसा हो, जो संसदीय मर्यादा के अनुरूप हो. राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस शब्द का उपयोग नेता प्रतिपक्ष ने किया है, वह असंसदीय है और उसे कार्यवाही से निकाल दिया जाए. राहुल गांधी को सुना जाए.
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने सोचा, इडियट भी है और स्टूडेंट भी है. उससे पूछा कि ये तीसरी कैटेगरी कहां जाती है- अंध भक्त. ये तीन कैटेगरी हैं. छात्र जो हैं, वह शिक्षा के सिस्टम की बात कर रहे हैं. स्टूडेंट आठ-10 घंटे पढ़ते हैं. एजुकेशन महंगी है. वर्षों पढ़ते हैं. इस पर ट्रेजरी बेंच से सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया. इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि राहुल गांधी असंसदीय शब्द इस्तेमाल नहीं करते हैं. ये तरीके से एक छात्रा के नाम पर वह शब्द बोल रहे हैं. इसे एक्सपंज किया जाए. स्पीकर ने कहा कि जो शब्द असंसदीय होगा, उसे निकाल दिया जाएगा. राहुल गांधी ने कहा कि इडियट शब्द की जगह मैं दूसरा शब्द दे देता हूं. इस पर स्पीकर ने कहा कि इसके लिए आपको व्यवस्था देने की जरूरत नहीं है, मैं व्यवस्था दे चुका हूं. राहुल गांधी ने कहा कि छात्र सजग है, सच्चाई जानता है. एक परीक्षा पर शिक्षा के बजट से ज्यादा खर्च होता है. अंधभक्त मूर्ख को भगवान मानते हैं.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एंटी पेपर लीक बिल पर बोल रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि देश का भविष्य सड़कों पर उतरा. बीजेपी में भी जो लोग हैं, हमारे उन मित्रों को जाकर अपने बच्चों से पूछना चाहिए कि क्या गलत हुआ. आंदोलन से बीजेपी नेताओं के बच्चे भी सहमत होंगे. प्रदर्शन में गुस्सा, नफरत नहीं थी. देश के युवाओं का सम्मान होना चाहिए. छात्रों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है. वे हमारे देश का भविष्य हैं. छात्रों की भावनाओं को देश ने समझा. युवाओं का गुस्सा जायज है. युवाओं को आप इडियट कहते हैं. छात्रों पर हर भारतीय को गर्व है. छात्र समझ रहे हैं कि दुनिया कैसे बदल रही है.युवा सच्चाई के पीछे दौड़ता रहता है. उसके लिए सच्चाई मीठी होती है.युवा खुले दिल, खुले विचारों के हैं. जिसे सीखने की ललक है, वही छात्र है.
हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर बोलते हुए जगदंबिका पाल को एक दिन के मुख्यमंत्री का कार्यकाल याद दिलाया. उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि आपने किसान आंदोलन के दौरान भी जिद्द की थी कि बहुत अच्छा बिल है. ये तीसरी बार है, जब आपको झुकना पड़ा है.
सिक्किम से सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के सांसद इंद्रहंग सुब्बा ने कहा कि युवाओं के रोड पर आने, आंदोलन को नकारात्मक रूप में नहीं लेना है. यह सभी सरकारों के लिए वेकअप कॉल है. पेपर लीक अब संगठित अपराध का रूप ले चुका है. अगर पेपर लीक की वजह से अगर मेधावी विद्यार्थी पीछे रह जाता है, तो सिर्फ वह छात्र नहीं, भविष्य पीछे रह जाता है.
आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने कहा कि प्रोटेस्ट में शामिल छात्रों के साथ जिस तरह की बर्बरता हुई, उसे लेकर गृह मंत्री को सदन में आकर बयान देना चाहिए. गृह मंत्री को यह बताना चाहिए कि उस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है. पेपर लीक के लिए भारत सरकार एकमात्र जिम्मेदार है. भारत सरकार 2024 के नीट पेपर लीक में कड़ी कार्रवाई करने में फेल रही है. कई छात्रों ने सुसाइड किए हैं. छात्रों के सुसाइड को लेकर एनसीआरबी का डेटा देखें तो 2013 से 2023 के बीच ही 60 परसेंट से ज्यादा सुसाइड हुए हैं.
यूपी के बुलंदशहर से बीजेपी के सांसद डॉक्टर भोला सिंह ने कहा कि 12 साल के सरकार के कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र में भी नई शुरुआत है. यह विधेयक देर रात तक पढ़ाई करने वाले उस छात्र के विश्वास, आगे की पढ़ाई के लिए बच्चे को बाहर भेजने के लिए बचत करने वाले पिता के भरोसे का विधेयक है. प्पेपर लीक नहीं होता, पूरी पीढ़ी का भरोसा लीक होता है.
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि आरटीआई और ऑडिट को चोरी वाली सभी तरह की व्यवस्था से दूर कर दिया गया है. जवाबदेही तय किसकी होगी. एनटीए के चेयरमैन क्यों नहीं हटाए गए. 2018 में जिनको एनटीए में लाया गया, वे मध्य प्रदेश एजुकेशन विभाग में बड़े पद पर थे. एक ही पदाधिकारी दुनिया में है. पप्पू यादव ने कहा कि छह से आठ करोड़ फॉर्म भरा जाता है. ये पैसा एनटीए को क्यों दिया जाता है. ये किसकी जिम्मेदारी है. जांच कौन करेगा. संजीव मुखिया को बरी कर दिया है. एसआईटी कौन बनाएगा. स्टेट के अधिकार को छिन लिया गया. हमारी मांग है कि पेपर लीक को इस रूप में मत देखिए. आपने एनटीए के बारे में कुछ नहीं कहा.
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा की शुरुआत हो गई है. दूसरे दिन की चर्चा की शुरुआत बिहार के सुपौल से जेडीयू के सांसद दिलेश्वर कामत ने की है. दिलेश्वर कामत ने इस बिल को एनडीए सरकार के प्रति लोगों में उम्मीद और भरोसा जताने वाला बताया और कहा कि यह बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला विधेयक है.
लोकसभा में भी गृह मंत्री सदन में आओ, सदन में आओ के नारे लगे. स्पीकर ओम बिरला ने चेयर से कहा भी कि अगर आप सदन चलाना नहीं चाहते, तो मैं सदन बंद कर दूंगा. स्पीकर ने विपक्षी सदस्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसको आना है, किसको नहीं आना ये आप तय नहीं करोगे. जिस मंत्री का विधेयक है, वह यहां मौजूद हैं.
राज्यसभा में बुधवार को भी हंगामा जारी रहा. सदन की कार्यवाही हंगामे के बीच पहले 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. 12 जब दोबारा कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने गृह मंत्री के सदन में नहीं आने पर सवाल उठाया और कहा कि उनको जवाब देना चाहिए छात्रों के साथ हुई बर्बरता का. इस दौरान राज्यसभा में गृह मंत्री सदन में आओ और गृह मंत्री जवाब दो, जवाब दो के नारे भी लगे. हंगामे के कारण सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है. लोकसभा में लिस्टेड बिजनेस लिए जा रहे हैं. वहीं, राज्यसभा में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया.
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा का आज दूसरा दिन है. लोकसभा में आज भी एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा जारी रहेगी. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस बिल पर 12.30 बजे बोलेंगे.
राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित हो गई है. सभापति सीपी राधाकृष्णन ने विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
नेता सदन जेपी नड्डा ने इस पर कहा कि जो बात जॉन ब्रिटास ने कही, वह कानून व्यवस्था के लिहाज से सामान्य बात है. इमरजेंसी के दौरान स्टूडेंट एक्टिविस्ट के तौर पर मैं भी गिरफ्तार हुआ हूं इसी कांग्रेस के समय में. एक नहीं, दो बार गिरफ्तार हुआ हूं. यह बहुत ही सामान्य बात है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जो ब्रिटास ने उठाया मुद्दा, वह बहुत शर्मनाक है कि हम एक नेशनल पार्टी के ऑफिस में घुसकर अरेस्ट करने की बात करते हैं. लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है. इसके लिए जिम्मेदार लोगों को अरेस्ट करना चाहिए. किसने ऑर्डर दिया इसके लिए.
राज्यसभा में केरल से सीपीएम के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने सीपीएम के दिल्ली कार्यालय पर दिल्ली पुलिस की रेड का मुद्दा उठाया. जॉन ब्रिटास ने कहा कि हमारा लोकतंत्र मल्टी पार्टी है. सीपीएम एक राष्ट्रीय पार्टी है और इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है.
लोकसभा में मंगलवार को पटरी पर लौटी कार्यवाही बुधवार को फिर से बेपटरी होती नजर आई. विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही नहीं चल सकी और स्थगित करनी पड़ी. स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.