राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को 66 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया. इसमें धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया लेकिन पद्म श्री से नवाजे गए पुडुचेरी के एक शख्स ने जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साष्टांग प्रणाम किया, वह चर्चा में बना हुआ है.
पुडुचेरी के प्रसिद्ध सिलंबम गुरु के. पजानिवेल को देश में पारंपरिक मार्शल आर्ट में उनके अहम योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में जैसे ही पुरस्कार के लिए उनके नाम का ऐलान किया गया. उन्होंने सम्मान लेने जाने से पहले जमीन पर लेटकर साष्टांग की मुद्रा में प्रधानमंत्री मोदी को प्रणाम किया.

के. पजानिवेल पुडुचेरी के मशहूर सिलंबम (Silambam) के कोच हैं. वे प्राचीन तमिल युद्धकला सिलंबम को बचाने, सिखाने और दुनियाभर में लोकप्रिय बनाने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने बचपन से सिलंबम सीखना शुरू किया और बाद में इसे अपना जीवन मिशन बना लिया. उन्होंने इस प्राचीन मार्शल आर्ट को पुनर्जीवित किया. उन्होंने 5000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया.
सिलंबम दरअसल तमिलनाडु की एक प्राचीन मार्शल आर्ट है, जिसमें बांस की लाठी का इस्तेमाल किया जाता है।. इसे करीब 5,000 साल पुरानी युद्धकला माना जाता है.

बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कला, साहित्य, चिकित्सा, विज्ञान और खेल सहित विभिन्न क्षेत्र की हस्तियों को सोमवार को देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान से सम्मानित किया.

इस साल 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से नवाजा जाना है. कुल पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 हस्तियों को पद्म श्री से सम्मानित किया जाना है. लेकिन सोमवार को पहले चरण के तहत 66 हस्तियों को ही पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया.
दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र (मरणोपरांत) और एन. राजम को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, उदय कोटक और पीयूष पांडेय समेत छह हस्तियों को पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को 66 हस्तियों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया है. 2026 में कुल 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कार दिए जाने हैं, जिनमें से बाकी बचे 65 विजेताओं को अगले चरण में सम्मानित किया जाएगा.