नोएडा सेक्टर-150 में पानी से भरे बेसमेंट में कार सहित डूबने से जान गंवाने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता को अब तक इंसाफ नहीं मिल पाया है. युवराज के पिता राज कुमार मेहता इंसाफ का इंतजार करते-करते लंदन चले गए हैं.
राज कुमार अपनी बेटी के साथ लंदन (यूनाइटेड किंगडम) गए हैं और इसी वजह से उनके घर पर ताला लगा है. पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने जल्द वापस आने की बात कही है.
युवराज की मौत के एक महीने बाद और एसआइटी जांच पूरी होने 20 दिन बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है. गुनहगारों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है जिससे परिजन, पड़ोसी संशय में हैं. युवराज की शोक सभा के बाद से युवराज के पिता, परिजन और दोस्तों ने मीडिया से भी दूरी बना ली है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 16 जनवरी की रात को एटीएस ले ग्रैंडियोस सोसाइटी के पास युवराज की कार बेकाबू हो गई थी. कार गहरे नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे बेसमेंट में गिर गई थी. इस हादसे में युवराज की मौत हो गई थी. नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस, दमकल टीम, SDRF और NDRF की टीम ने कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. कई घंटे बाद युवराज को पानी से भरे बेसमेंट से निकाला गया और कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था.
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हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य के साथ प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठे थे. शासन स्तर से जांच के लिए समिति बनाई गई थी. जिसे पांच दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी.