NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की एक अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपी शुभम खैरनार को 6 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इस मामले की सुनवाई स्पेशल जज रुचि अग्रवाल असरानी की अदालत में हुई, जहां केंद्रीय जांच ब्यूरो ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की थी.
कोर्ट ने CBI की अर्जी मंजूर करते हुए कहा कि मामले की जांच अभी शुरुआती दौर में है और आरोपी को हिरासत में रखना जरूरी है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि शुभम खैरनार समेत अन्य आरोपी NEET-UG 2026 परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र लीक करने में सक्रिय रूप से शामिल थे.
CBI ने अपनी रिमांड अर्जी में कहा कि आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखना इसलिए जरूरी है ताकि वे सबूतों से छेड़छाड़ न कर सकें और जांच से जुड़े गवाहों को प्रभावित न कर पाएं. एजेंसी ने यह भी कहा कि आरोपियों के फरार होने, डिजिटल और भौतिक सबूत नष्ट करने की आशंका बनी हुई है.
अर्जी में कहा गया कि मामले की जांच बेहद अहम चरण में है. कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं. CBI ने अदालत को यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर आगे आरोपी की पुलिस हिरासत दोबारा मांगी जा सकती है. इससे पहले 14 मई को कोर्ट ने शुभम खैरनार समेत पांच आरोपियों को 7 दिनों की CBI हिरासत में भेजा था.
उस दौरान अदालत ने टिप्पणी की थी कि शुरुआती तथ्यों से ऐसा लगता है कि पैसों के लालच में गोपनीय परीक्षा के पेपर लीक करने और उन्हें बांटने के लिए एक संगठित गिरोह काम कर रहा था. 20 मई को आरोपी की हिरासत 5 दिनों के लिए और बढ़ाई गई थी. CBI ने आरोपी से पूछताछ की दलील दी थी.
जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि डिजिटल उपकरणों, संचार रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सबूतों की जांच की जा रही है. पेपर लीक नेटवर्क की पूरी साजिश और प्रश्नपत्र के स्रोत तक पहुंचने के लिए आरोपियों को देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाकर पूछताछ करनी होगी. इसमें नासिक भी शामिल है.
CBI के मुताबिक, आरोपी से यह भी पूछताछ की जानी है कि किन-किन जगहों पर उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले सवाल उपलब्ध कराए गए थे. इस बीच कोर्ट सूत्रों ने बताया कि पुणे की रहने वाली फिजिक्स लेक्चरर मनीषा संजय हवलदार, जिन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था, फिलहाल ट्रांजिट रिमांड पर हैं.
उन्हें सोमवार को अदालत में पेश किए जाने की संभावना है. अब तक इस मामले में कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. बता दें कि मेडिकल कॉलेजों में अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिले के लिए 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद दो दिन बाद ही रद्द कर दिया गया था.