ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (BJD) प्रमुख नवीन पटनायक ने Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Act, 2026 यानी MMDR एक्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सोमवार को ओडिशा विधानसभा के बाहर BJD की रैली को संबोधित करते हुए पटनायक ने कहा कि वह इस कानून के खिलाफ अपनी 'आखिरी सांस तक' लड़ेंगे. उन्होंने इसे ओडिशा के अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया.
पटनायक ने कहा, 'यह नया कानून राज्य की जमीन और संसाधनों पर उसके अधिकार छीनने की कोशिश करता है. इसलिए मैं अपनी आखिरी सांस तक MMDR एक्ट के खिलाफ लड़ूंगा.' उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और राज्य के लोगों से कानून के विरोध में एकजुट होने की अपील की.
2024 के चुनाव के बाद भुवनेश्वर में अपनी पहली सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए पटनायक ने दावा किया कि नए खनन कानून के लागू होने से ओडिशा को हर साल हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि अगर इस कानून के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ी गई तो ओडिशा की आने वाली पीढ़ियां इसे माफ नहीं करेंगी.
BJP सांसदों की चुप्पी पर उठाए सवाल
BJD प्रमुख ने अगस्त में संसद से MMDR संशोधन विधेयक पारित होने के दौरान ओडिशा के बीजेपी सांसदों की कथित चुप्पी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि जब राज्य को हजारों करोड़ रुपये के सालाना नुकसान का खतरा है तो ओडिशा की बीजेपी सरकार और राज्य के करीब 20 पार्टी सांसद चुप क्यों हैं?
पटनायक ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को दो बार पत्र लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने और कानून के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करने की मांग की थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने 29 अगस्त को ओडिशा के बीजेपी सांसदों को भी पत्र लिखकर संशोधन वापस कराने की पहल करने की अपील की थी.
पटनायक ने माझी सरकार को 'इनकार करने वाली सरकार' और 'खोखली बयानबाजी में माहिर' बताया. उन्होंने कहा, "कोई भी राजनीतिक दल इस धरती से बड़ा नहीं हो सकता."
अगस्त में संसद से पारित MMDR संशोधन विधेयक, 2026 में खनिज अधिकारों और खनिज वाली जमीन पर टैक्स लगाने की राज्यों की शक्तियों को सीमित करने का प्रावधान है. BJD की इस रैली में छात्रों, युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, दलितों और किसानों समेत हजारों लोगों ने हिस्सा लिया.