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'जब तक मैं CM रहूंगा, मियां लोगों को परेशानी होगी...', असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा ने क्यों कही ये बात

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि 'मियां' लोगों को उनके सत्ता में रहते परेशानी झेलनी पड़ेगी और वे राज्य छोड़ दें, इसके लिए सख्ती जरूरी है. CM ने उन्हें अवैध बांग्लादेशी बताया और काम करने की अनुमति न देने की बात कही. 'मियां' शब्द पर विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने अपने रिक्शा किराया वाले बयान को उनके फायदे में बताया. सरमा ने जनसंख्या बढ़ने, जमीन कब्जाने और अन्य आरोप भी दोहराए. 

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Photo: PTI)
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Photo: PTI)

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि जब तक वे सत्ता में रहेंगे, 'मियां' लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि ये लोग राज्य छोड़ दें, इसके लिए लगातार दबाव और सख्ती जरूरी है. एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए सरमा ने कहा कि उनके मुताबिक 'मियां' अवैध बांग्लादेशी हैं और उन्हें राज्य में काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

सीएम सरमा ने कहा, 'अगर मैं असम में सत्ता में रहा तो उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. वे यहां शांति से नहीं रह सकते. जब तक हम उनके लिए मुश्किलें खड़ी नहीं करेंगे, वे राज्य नहीं छोड़ेंगे.'

'मियां' शब्द पर विवाद
'मियां' शब्द पर भी उन्होंने टिप्पणी की. यह शब्द पहले असम में बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए अपमानजनक तौर पर इस्तेमाल होता रहा है और गैर-बंगाली लोग अक्सर उन्हें बांग्लादेशी प्रवासी मानते हैं. हालांकि हाल के वर्षों में समुदाय के कुछ एक्टिविस्ट इस शब्द को विरोध के प्रतीक के रूप में खुद अपनाने लगे हैं.

रिक्शा किराया वाले बयान का भी जिक्र
अपने पहले दिए बयान का जिक्र करते हुए सरमा ने कहा कि उन्होंने कहा था कि अगर कोई 'मियां' रिक्शा चालक 5 रुपये किराया मांगे तो उसे 4 रुपये देना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह बात उन्होंने उनके 'फायदे' के लिए कही थी. सरमा के अनुसार, कानून के हिसाब से वे यहां काम नहीं कर सकते.

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उन्होंने कहा, 'किसी देश का नागरिक अपने देश में काम कर सकता है. बांग्लादेश से आए लोग यहां कैसे काम कर सकते हैं?' उन्होंने आगे कहा कि अगर वे उनकी भलाई की बात भी स्वीकार नहीं करते, तो फिर उन्हें उनके खिलाफ ही काम करना पड़ेगा.

जनसंख्या और अन्य आरोपों पर क्या बोले हिमंत बिस्वा सरमा?
मुख्यमंत्री पहले भी दावा कर चुके हैं कि अगले जनगणना तक बांग्लादेशी मुसलमान असम की आबादी का 40 प्रतिशत हो सकते हैं. उन्होंने 'मियां' समुदाय पर सत्रों (वैष्णव परंपरा के धार्मिक केंद्र), जमीन पर कब्जा करने, 'लव जिहाद' और 'फर्टिलाइजर जिहाद' जैसे आरोप भी लगाए हैं.

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