असम चुनाव में बीजेपी-एनडीए ने जीत की हैट्रिक लगाई है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने चुनाव के बाद आजतक से पहली बार बातचीत करते कहा कि असम में हम घुसपैठियों की कमर तोड़ देंगे. उन्होंने साफ किया कि बीजेपी सरकार की प्राथमिकता राज्य को सुरक्षित करना है और अवैध घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई होगी. इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा नहीं देने वाले बयान पर भी चुटकी ली.
हिमंता से जब पूछा गया कि ममता बनर्जी कह रही हैं कि वह राजभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी. उनका कहना है कि टीएमसी चुनाव हारी नहीं है बल्कि उसे हराया गया है. इस प्रश्न का जवाब देते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा, 'अच्छा है. वह राजभवन जातीं तो उन्हें एक कप चाय और संदेश खिलाया जाता. अब राजभवन का चाय और संदेश बच जाएगा और उनको बर्खास्त किया जाएगा. ममता बनर्जी जाएं या न जाएं, गाड़ी रुकेगी क्या. 9 मई को शपथ ग्रहण होने जा रहा है.'
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इससे पहले ममता बनर्जी ने बुधवार को कालीघाट स्थित अपने आवास पर तृणमूल कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक ली. इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने पश्चिम बंगाल के जनादेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने के अपने इरादे की घोषणा की, और राज्य में 200 से अधिक सीटों के भारी बहुमत से विजयी हुई भारतीय जनता पार्टी और भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ चुनावी अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए.
बंगाल चुनाव को SC में चुनौती देंगी ममता?
ममता बनर्जी ने कहा कि वह और उनकी सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री रहीं चंद्रिमा भट्टाचार्य, जो इस बार चुनाव हार गई हैं, अब बंगाल में चुनावी अनियमितता से जुड़े मुद्दों पर अदालतों में अपनी कानूनी प्रैक्टिस फिर से शुरू करेंगी. बनर्जी ने यह भी कहा कि स्थानीय चुनावों में झटका लगने के बावजूद उनकी नजरें दिल्ली में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया ब्लॉक' को मजबूत करने पर टिकी हुई हैं.
बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तीफा देने से साफ इनकार करते हुए कहा कि उनका पद पर बने रहना एक सोचा-समझा विरोध है, क्योंकि उनके अनुसार बंगाल में टीएमसी से जनादेश को जबरन छीना गया है. ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे चाहें तो राष्ट्रपति शासन लागू कर सकते हैं, लेकिन इसे आधिकारिक रिकॉर्ड पर दर्ज किया जाना चाहिए. बता दें कि बंगाल चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया, जबकि टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई.