लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही के दौरान स्पीकर ओम बिरला सांसदों के आपस में बात करने को लेकर भड़क गए. स्पीकर ने कहा कि आज देख रहा हूं कि माननीय सदस्य से आपस में लंबी-लंबी बातें करने में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि यह सदन इसके लिए नहीं है. एक-दो बातें हों तो ठीक है. अगर लंबी चर्चा करनी हो आपस में, तो कृपया बाहर चले जाएं. बाहर जाकर करें.
स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को हिदायत देते हुए कहा कि अब अगर कोई आपस में लंबी चर्चा करता दिखा, तो उसका नाम लेकर बोलूंगा. उन्होंने कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल का नाम भी ले लिया. स्पीकर ने कहा कि माननीय सदस्य केसी वेणुगोपाल जी, आपको लंबी चर्चा करनी हो तो बाहर जाकर करें. उन्होंने इसके बाद प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रखी.
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स्पीकर ने जनजातीय मामलों के मंत्रालय में राज्यमंत्री दुर्गादास उइके को भी टोका. दुर्गादास उइके आदिवासी समाज को लेकर बन्नालाल रावत के प्रश्न का जवाब दे रहे थे. इस दौरान वह प्रश्न का जवाब पढ़ते समय एक हाथ अपनी जेब में रखे हुए थे. स्पीकर ओम बिरला ने इसे लेकर दुर्गादास उइके को भी टोक दिया. स्पीकर ने कहा कि मंत्री जी, जवाब देते समय जेब में हाथ मत डाला करो. इसके बाद मंत्री ने जेब से हाथ निकालकर जवाब पूरा किया.
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स्पीकर ने उइके को एक बार और टोका. उन्होंने कहा कि आप इतना बता दो कि गांव के लिए योजना बनाई है या नहीं. इससे पहले, स्पीकर ने प्रश्नकाल को लेकर सदस्यों से कहा कि 20 प्रश्न निकलते हैं और हमारी कोशिश है कि सभी प्रश्नों का मंत्री संक्षिप्त विवरण के साथ जवाब दें.