iran us war US-Israel and Iran War Live Updates: अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 15वां दिन है. 28 फरवरी से शुरू हुई जंग अब तक किसी अंजाम तक नहीं पहुंची है. हमले का बदला लेते हुए ईरान ने खाड़ी देशों में कई जगहों पर बमबारी की है. ईरान ने उस होर्मुज स्ट्रेट को भी बंद कर दिया है, जहां से दुनिया का 20% कच्चा तेल गुजरता है. यहां से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान हमला कर रहा है. हालांकि, ईरान ने अपने दोस्त भारत के लिए होर्मुज स्ट्रेट को खोल दिया है. भारत आने वाले दो LPG टैंकर को ईरान ने रास्ता दे दिया है.
इस बीच अमेरिका ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई समेत 10 ईरानी नेताओं को आतंकी घोषित करते हुए इन पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा है. अमेरिका का आरोप है कि ये लोग ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े नेटवर्क का संचालन करते हैं, जो दुनियाभर में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं. मिडिल ईस्ट जंग की पल-पल की अपडेट जानने के लिए इस पेज से जुड़े रहें:-
बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर रात भर हुए मिसाइल हमलों के बाद वहां मौजूद अमेरिकी नागरिकों को तुरंत इराक छोड़ने की सलाह दी गई है. दूतावास ने एक बड़ी सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि देश में रह रहे अमेरिकियों को ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों से गंभीर खतरा है, इसलिए वे जल्द से जल्द वहां से निकल जाएं.
ब्रिटेन ने कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए अपने साथी देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस जरूरी समुद्री रास्ते को खुला रखने के लिए अन्य देशों से अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है. ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ईरान की धमकियों की वजह से जहाजों की आवाजाही में जो दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर कहा कि ने तेहरान और हमादान से 33 लोगों को गिरफ्तार किया है. इन पर आरोप है कि इन्होंने सैन्य ठिकानों की तस्वीरें और जानकारी जुटाकर दुश्मन तक पहुंचाई थी. इसके अलावा, ईरान के पुलिस प्रमुख अहमदरेजा रादान ने बताया कि 81 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है, जिन पर विदेशी मीडिया और विरोधियों के साथ देश की गुप्त जानकारी साझा करने का शक है.
रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने मिडिल ईस्ट के उन देशों की कोशिशों को ठुकरा दिया है, जो बातचीत के जरिए ईरान युद्ध को खत्म करना चाहते थे. दूसरी तरफ, ईरान ने भी साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका और इजरायल के हमले बंद नहीं होंगे, तब तक वो युद्धविराम नहीं करेगा. दोनों तरफ के इस सख्त रुख से संकेत मिल रहे हैं कि यह जंग अब लंबे समय तक खिंच सकती है.
ईरानी समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक, शनिवार को मध्य ईरान के इस्फहान शहर में एक फैक्ट्री पर इजरायल और अमेरिका ने हमला किया, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि हमले के वक्त कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर ही काम कर रहे थे. हैरान करने वाली बात यह है कि इस कारखाने में हीटर और रेफ्रिजरेटर जैसे घरेलू सामान बनाए जाते थे.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया है कि देश के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पूरी तरह ठीक हैं और उनके साथ कोई समस्या नहीं है. उन्होंने अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि हालिया हमलों में खामेनेई घायल हुए हैं. अराघची ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार और गलत बताया है.
इजरायली सेना ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में उन्होंने ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी की है. इस हमले में उन मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया गया है, जो इजरायल पर हमला करने के लिए तैयार खड़े थे. अब तक पश्चिमी और मध्य ईरान में करीब 400 हवाई हमले किए जा चुके हैं, जिनमें ईरान के हथियारों के गोदामों और सुरक्षा प्रणालियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है.
इजरायली सेना ने दावा किया है कि शुक्रवार को तेहरान में किए गए हवाई हमले में ईरान के दो सीनियर खुफिया अधिकारी मारे गए हैं. मारे गए अधिकारियों की पहचान अब्दुल्ला जलाली-नसाब और अमीर शरियात के रूप में हुई है, जो एक खुफिया यूनिट के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे थे. इजरायल रक्षा बलों के मुताबिक, यह हमला विशेष रूप से ईरान के सैन्य खुफिया केंद्र को निशाना बनाकर किया गया था.
बगदाद में भारी सुरक्षा वाले अमेरिकी दूतावास पर शनिवार को दो ड्रोन से हमला हुआ. सीएनएन के मुताबिक, पहले खबर आई थी कि राजनयिक परिसर के पास मिसाइल गिरी है, लेकिन बाद में सुरक्षा अधिकारियों ने ड्रोन हमले की पुष्टि की. इस हमले में कितना नुकसान हुआ है और कितने लोग हताहत हुए हैं, इसकी सटीक जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है.
मिडिल ईस्ट संकट के बीच हिज्बुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के गोरेन इलाके पर रॉकेट दागने का दावा किया है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान समर्थित इस समूह ने मा'आलोत-तर्शिहा शहर में इजरायली हवाई रक्षा प्रणाली को भी निशाना बनाया. इस ताजा हमले के बाद इजरायल-लेबनान सीमा पर तनाव और ज्यादा बढ़ गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि सऊदी अरब के एयर बेस पर हमले में अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचा है. वॉल स्ट्रीट जर्नल ने खबर दी थी कि हमले में पांच विमान क्षतिग्रस्त हुए हैं. हालांकि, ट्रंप ने साफ किया कि हवाई अड्डे पर हमला तो हुआ था, लेकिन कोई भी विमान नष्ट या खराब नहीं हुआ है.
ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल 'दुश्मनों और उनके सहयोगियों के टैंकरों और जहाजों' के लिए बंद है, बाकी यातायात सामान्य है. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अपनी ऊर्जा सुविधाओं पर किसी भी हमले का करारा जवाब देगा. हालांकि, उन्होंने यह भी भरोसा दिया कि हमलों के दौरान आम आबादी वाले इलाकों को बचाने के लिए पूरी सावधानी बरती जाएगी.
ईरानी मीडिया एजेंसी तसनीम के हवाले से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आ रही है. एजेंसी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के लोगों से अपील की है कि वे जेबेल अली, खलीफा और फुजैरा जैसे बड़े बंदरगाहों वाले इलाकों को तुरंत खाली कर दें. एजेंसी ने चेतावनी दी है कि इन नागरिक सुविधाओं के पास अमेरिकी सेना की मौजूदगी की खबरें हैं, जिसकी वजह से ये जगहें अब निशानेॉ पर हैं. दावा किया जा रहा है कि आने वाले कुछ ही घंटों में इन इलाकों पर हमला हो सकता है.
ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान की सेना ने एक बार फिर मिसाइलों से बड़ा हमला किया है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इन मिसाइलों का निशाना क्या था और इनसे कितना नुकसान हुआ है. रक्षा मंत्रालय प्रवक्ता का कहना है कि तेहरान अब युद्ध में पहले से ज्यादा खतरनाक और सटीक बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करने की तैयारी में है.
ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही के अनुसार, मोजतबा खामेनेई ने पद पर रहते हुए भी बेहद सादगी भरा जीवन जिया है. इलाही ने उन्हें अत्यंत बुद्धिमान और दार्शनिक बताते हुए दावा किया कि उनकी जीवनशैली सामान्य लोगों से भी कहीं अधिक सरल थी. उन्होंने बताया कि दैनिक जरूरतों और भोजन के लिए कई बार उन्हें उधार तक लेना पड़ा. साथ ही, न तो खामेनेई और न ही उनके बेटों के पास अपना घर था, वे किराए के मकानों में रहते थे.
ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने खुलासा किया है कि तेहरान, वाशिंगटन और तेल अवीव के बीच भारी तनाव के बावजूद अली खामेनेई ने बंकर में जाने से इनकार कर दिया था. उन्होंने सहयोगियों के बार-बार अनुरोध को ठुकराते हुए तेहरान स्थित अपने आवास पर ही रहने का फैसला किया. खामेनेई का कहना था कि जब तक तेहरान की पूरी जनता सुरक्षित नहीं हो जाती, वे खुद के लिए सुरक्षा नहीं खोजेंगे.
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करना चाहता है, तो उसे वहां अपनी सेना तैनात करनी पड़ सकती है. उनके मुताबिक, 'अगर अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस समुद्री मार्ग की रक्षा करने की बात कही है,तो उन्हें कुछ सेना तैनात करनी होगी.'
जब रूवेन अजार से पूछा गया कि क्या वाशिंगटन वाकई ऐसा कदम उठाएगा, तो उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि वे ऐसा करेंगे.' हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इस तैनाती की सैन्य रणनीति उनके पास नहीं है.
अमेरिका ने अन्य देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य को तेल और कमर्शियल जहाजों के लिए खुला रखने में मदद करने का आग्रह किया है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस इस समुद्री मार्ग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए 20 अरब डॉलर तक की बीमा गारंटी जैसे उपायों पर विचार कर रहा है. साथ ही, डोनाल्ड ट्रंप ने तेल और माल के सुचारू प्रवाह को बनाए रखने के लिए अमेरिकी नौसेना के जहाजों की तैनाती के संकेत भी दिए हैं.
इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान के साथ युद्ध अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है. काट्ज ने ईरान के तेल केंद्रों पर अमेरिकी हमलों की सराहना की. उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में ईरान के खिलाफ यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक जरूरी होगा.
ईरान के निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने 'X' पर पोस्ट किया कि इस्लामिक गणराज्य के पतन के बाद ईरान की शासन व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए दो महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम चल रहा है. उन्होंने लिखा, पहला, 'ईरान समृद्धि परियोजना' के तहत देश को चलाने के लिए एक स्पष्ट योजना तैयार करना और दूसरा, इस योजना को लागू करने और संक्रमणकालीन व्यवस्था में सेवा देने के लिए योग्य महिलाओं और पुरुषों की पहचान कर उनका चयन करना.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए एक बड़ी पहल की है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि फ्रांस दोनों देशों के बीच युद्ध रुकवाने के लिए पेरिस में बातचीत की मेजबानी करने को तैयार है. मैक्रों का मानना है कि कूटनीतिक रास्तों से ही इस जंग को खत्म किया जा सकता है. फ्रांस की इस कोशिश का मकसद मिडिल ईस्ट में शांति बहाल करना है, ताकि निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके.
अमेरिकी दूतावास, रियाद ने जानकारी दी है कि फिलहाल मध्य पूर्व से बाहर निकलने के विकल्प, सुरक्षित स्थान पर रहने या मिशन संचालन से जुड़े निर्देशों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और समय-समय पर आपको अपडेट देते रहेंगे, ताकि आप अपनी सुरक्षा से जुड़े सही फैसले ले सकें. अगर आप मिडिल ईस्ट से बाहर निकलना चाहते हैं, तो अमेरिकी सरकार उपलब्ध यात्रा विकल्पों की ताजा जानकारी देकर आपकी मदद करेगी.
आतंकी संगठन हमास ने ईरान से अपील की है कि वह पड़ोसी देशों को निशाना बनाने से बचे, हालांकि उसने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ आत्मरक्षा के लिए ईरान के अधिकार का समर्थन भी किया है.
एम्स्टर्डम (नीदरलैंड) में शनिवार तड़के एक यहूदी स्कूल में विस्फोट हुआ, इसे यहूदी समुदाय के खिलाफ जानबूझकर किया गया हमला बताया जा रहा है.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने अफगान-तालिबान द्वारा पाकिस्तान पर किए गए ड्रोन हमले की पुष्टि की है. दावा किया गया है कि इस हमले में नागरिकों को निशाना बनाया गया. शुक्रवार को अफगान-तालिबान एयरफोर्स ने बड़े पैमाने पर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ड्रोन से हमला किया था.
(Input: Arvind Ojha)
जापान के रक्षा मंत्री ने कहा कि नॉर्थ कोरिया द्वारा दागी गई कथित बैलिस्टिक मिसाइलों के बाद जापान, अमेरिका और दक्षिण कोरिया मिलकर जानकारी जुटाने का काम करेंगे.
1 मार्च 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के मिनाब शहर के एक स्कूल पर मिसाइल दागी थी, जिसमें 175 लोगों की मौत हो गई. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, दो हफ्तों की जंग में अब तक दो हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
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बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका अब पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका यूएसएस त्रिपोली के नेतृत्व वाले एक एम्फीबियस रेडी ग्रुप (ARG) और करीब 2,500 मरीन सैनिकों को पश्चिम एशिया भेज रहा है.
अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग के बीच नॉर्थ कोरिया भी किसी युद्ध की तैयारी में नजर आ रहा है. नॉर्थ कोरिया ने अपने पूर्वी तट से समुद्र की ओर एक मिसाइल दागी है. साउथ कोरियाई सेना और जापान सरकार ने इस संदिग्ध मिसाइल परीक्षण की पुष्टि की है.
इराक ने बगदाद एयरपोर्ट के पास स्थित अमेरिकी डिप्लोमैटिक सेंटर को निशाना बनाने वाले ड्रोन को मार गिराया.
इजरायली सेना ने ईरान के तबरीज शहर के पश्चिम में स्थित एक औद्योगिक क्षेत्र को खाली करने की चेतावनी जारी की है. इजरायली सेना ने कहा है कि जैसे उसने हाल के दिनों में तेहरान क्षेत्र में ईरानी शासन के सैन्य ढांचे को निशाना बनाते हुए कार्रवाई की थी, उसी तरह आने वाले कुछ घंटों में इस इलाके में भी सैन्य अभियान चलाया जाएगा.
अमेरिका अपना एक शक्तिशाली समुद्री बेड़ा और लगभग 2,500 नौसैनिकों को पश्चिम एशिया भेज रहा है. इस सैन्य टुकड़ी का नेतृत्व USS त्रिपोली युद्धपोत कर रहा है. इसके साथ ही '31st मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट' को भी तैनात किया गया है.
इराक की राजधानी बगदाद के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले 'ग्रीन ज़ोन' में स्थित अमेरिकी दूतावास पर मिसाइल हमला हुआ है.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इराक के सशस्त्र गुटों 'इस्लामिक रेजिस्टेंस' ने अमेरिकी सैन्य और खुफिया कर्मियों को लेकर बड़ा ऐलान किया है. रेजिस्टेंस गुटों ने कहा कि जो कोई भी अमेरिकी सैन्य या खुफिया अधिकारियों की पहचान या उनके ठिकानों की जानकारी देगा, उसे 150 मिलियन इराकी दीनार का इनाम दिया जाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खार्ग द्वीप पर बमबारी के दावे के बाद ईरानी सेना ने अमेरिका से जुड़े तेल ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान तब खत्म होगा जब ट्रंप को लगेगा कि सही समय आ गया है. साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा कि इस युद्ध को समाप्त होने में अधिक समय नहीं लगेगा.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को लेकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से चर्चा की है. रिपोर्ट के मुताबिक, जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्होंने चीन के राष्ट्रपति से इस युद्ध के बारे में चर्चा की है, तो उन्होंने जवाब दिया. हां, मैंने उनसे बात की है. हम उनके साथ कई अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं. सिर्फ यही नहीं, बल्कि उनसे अन्य विषयों पर भी बातचीत हो रही है.
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की 14 मार्च को पश्चिम एशिया क्षेत्र से आने-जाने वाली 80 फ्लाइट्स उड़ान भरेंगी. ये एयरलाइंस प्रमुख शहरों के लिए अपनी नियमित सेवाएं जारी रखेंगी, जिनमें जेद्दाह से आने-जाने वाली 10 उड़ानें और मस्कट से आने-जाने वाली 8 निर्धारित उड़ानें शामिल हैं.
अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से 50,000 से अधिक अमेरिकी नागरिक मिडिल ईस्ट से वापस अमेरिका लौट चुके हैं. उन्होंने बताया कि संकट के दौरान विदेश विभाग ने करीब 34,000 अमेरिकी नागरिकों को सीधे सुरक्षा संबंधी सलाह और यात्रा सहायता दी है. उन्होंने ये भी कहा कि विभाग ने मदद मांगने वाले हर अमेरिकी नागरिक से संपर्क किया है और क्षेत्र से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे लोगों को जरूरी सहयोग और जानकारी उपलब्ध कराई.
हिज्बुल्लाह नेता नईम कासिम ने शुक्रवार रात दिए गए टेलीविजन संबोधन में कहा कि यह जंग हमारे अस्तित्व की है. ईरान समर्थित इस सशस्त्र संगठन के नेता ने कहा कि पिछले 15 महीनों से लगभग रोजाना हो रहे इजराइली हमलों के दौरान युद्धविराम होने के बावजूद लेबनान की सरकार देश और उसके लोगों की रक्षा करने में नाकाम रही है. उन्होंने कहा कि जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया और देश के सर्वोच्च नेता की हत्या कर दी. ऐसे में हिज्बुल्लाह ने यह फैसला किया कि इजराइल पर फिर से हमले शुरू करने का यही सही समय है. कासिम ने कहा कि संगठन लंबे युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है. इस जंग को भड़काने के लिए हिज्बुल्लाह जिम्मेदार नहीं है. इसके लिए उन्होंने अमेरिका और इजराइल की आक्रामकता को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि हार और आत्मसमर्पण हमारे शब्दकोश में नहीं है. उन्होंने कहा कि हिज्बुल्लाह अंत तक लड़ता रहेगा.
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह पूछा गया कि ऐसी खबरें हैं कि ईरान के सुप्रीम लीडर घायल हो गए हैं. इस पर वेंस ने कहा कि असल में यह पूरी तरह साफ नहीं है. वहां की स्थिति काफी अराजक है. इजराइल भी हमले कर रहा है और अमेरिका भी कई ठिकानों पर कार्रवाई कर रहा है. हमें इतना पता है कि वह घायल हुए हैं. चोट कितनी गंभीर है, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि उन्हें चोट लगी है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पेरिस में ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी से मुलाकात की. जेलेंस्की ने बताया कि हमने ईरान और मिडिल ईस्ट की स्थिति के साथ-साथ अमेरिका के ऑपरेशन पर भी विस्तार से चर्चा की. इस दौरान पहलवी और उनकी टीम ने मुझे उन संकेतों के बारे में जानकारी दी, जो उन्हें देश के भीतर से मिल रहे हैं. यह बेहद महत्वपूर्ण है कि ईरानी शासन को इससे कोई लाभ न मिले और ईरान की जनता को अपने जीवन की अधिक सुरक्षा और अपने भविष्य का फैसला स्वयं करने के अधिक अवसर मिलें. हमने इस बात पर भी चर्चा की कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और संयुक्त प्रयास इस लक्ष्य को हासिल करने में कैसे मदद कर सकते हैं.
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन वास्तव में एक ऐसे स्वतंत्र ईरान को देखना चाहता है जो रूस के साथ सहयोग न करे और मध्य पूर्व, यूरोप और दुनिया को अस्थिर न करे. मैं उनका आभारी हूं कि उन्होंने यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन का स्पष्ट आश्वासन दिया.

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि मौजूदा संघर्ष के दौरान पूरे लेबनान में इजरायली हमलों में मारे गए लोगों में 100 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं.
इजराइल डिफेंस फोर्सेज ने कहा कि उसने पिछले दो हफ्तों में 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' के तहत ईरान में लगभग 7,600 हमले किए हैं. सेना के अनुसार, 2,000 से ज्यादा हमलों में ईरानी शासन के मुख्यालयों और संपत्तियों को निशाना बनाया गया, जबकि लगभग 4,700 हमले ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर किए गए. इजरायल ने दावा किया कि इस अभियान ने ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को काफी कमजोर कर दिया है.
इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में लेबनान में इजरायली ऑपरेशन्स के दौरान हिज्बुल्लाह के 380 से ज्यादा लड़ाके मारे गए हैं. सेना ने कहा कि ये हमले इस ग्रुप के मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉन्च साइट्स और ऑपरेशनल कमांड सेंटर्स पर केंद्रित थे. इजरायल की सेना ने बताया कि उसने लेबनान में हिज्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाते हुए 1,100 से ज्यादा हमले किए हैं.