संसद के चालू बजट सत्र की शुरुआत से ही लोकसभा में रार बढ़ती ही जा रही है. मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अब स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने अब स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है. अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा सचिवालय और लोकसभा महासचिव को सौंप दिया गया है.
जानकारी के मुताबिक अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में विपक्ष ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नहीं बोलने दिए जाने को आधार बनाया गया है. लोकसभा स्पीकर के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस अनुच्छेद 94 सी के तहत लाया गया है.
लोकसभा में कांग्रेस के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई ने अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा है कि इस प्रस्ताव पर कुल 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं. यह नोटिस 1.14 बजे लोकसभा के महासचिव को सौंपा गया है. लोकसभा सचिवालय को विपक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपे जाने के बाद स्पीकर ओम बिरला सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं कर सकेंगे.
आज संचालन करने नहीं आए ओम बिरला
मंगलवार की सुबह 11 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, ओम बिरला सदन की कार्यवाही का संचालन करने चेयर पर नहीं आए. डिप्टी स्पीकर पैनल के पीसी मोहन ने कार्यवाही की शुरुआत कराई. हालांकि, विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो मिनट भी नहीं चल सकी और पहले 12, फिर दो बजे तक के लिए सदन को स्थगित कर दिया गया.
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फ्लोर लीडर्स के साथ रिजिजू ने की बैठक
लोकसभा में जारी गतिरोध दूर करने के लिए संसदीय कार्य मंत्री ने सभी दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ बैठक की. स्पीकर के चैंबर में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के साथ हुई बैठक में बताया जा रहा है कि दो बजे से सदन चलाने पर सहमति बन गई है. विपक्ष आठ सांसदों का निलंबन खत्म करने की शर्त पर गतिरोध खत्म करने के लिए तैयार बताया जा रहा है. हालांकि, इसे लेकर अभी किसी तरह का आधिकारिक बयान नहीं आया है. दो बजे शशि थरूर सदन में बजट पर चर्चा की शुरुआत कर सकते हैं.
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अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि हम मल्ल युद्ध नहीं चाहते. हम चाहते हैं कि चेयर को अपनी बात रखने के लिए एक मौका दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर हमारे मुद्दे तीन दिन के भीतर एड्रेस नहीं किए जाते हैं, तो हम कभी भी अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ सकते हैं. अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि हमने हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाई है.