बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ IRCTC घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नया अपडेट सामने आया है. आरोप तय करने को लेकर राऊज एवेन्यू कोर्ट अब 22 मई को अपना फैसला सुनाएगा. ईडी ने आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
इसी साल 5 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की उस याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने आईआरसीटीसी (IRCTC) घोटाला मामले में आरोप तय किए जाने के आदेश को चुनौती दी है. जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने सीबीआई से इस मामले में जवाब मांगा है.
IRCTC स्कैम क्या है?
लालू यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री थे, जब केंद्र में UPA-1 सरकार थी. CBI ने आरोप लगाया है कि लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए रेलवे के अलग-अलग जोन में ग्रुप 'D' पोस्ट पर लोगों को नौकरी देने के बदले अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीन-जायदाद ट्रांसफर करवाकर आर्थिक फायदा उठाया.