राज्यसभा में गुरुवार को सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों में तीखी तकरार देखने को मिली. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर भड़क गए, उनसे भिड़ गए. संजय सिंह पर भड़के किरेन रिजिजू ने कहा कि इनकी आदत बन गई है कि कुछ भी बोल देगा. ये क्या तरीका है.
संसदीय कार्य मंत्री किरे रिजिजू ने कहा कि हमने इनको भी बहुत इज्जत के साथ बुलाया. उन्होंने कहा कि इनको भी तीन बार बुलाया. निमंत्रण देते हैं तो इनको आगे आना चाहिए. किरेन रिजिजू ने कहा कि हमने ऐसी सरकार भी देखी है, जो विपक्ष को पूछती नहीं थी. हम इज्जत दे रहे हैं, फिर भी ये इस तरह की राजनीति कर रहे हैं.
दरअसल, राज्यसभा में बजट सत्र की कार्यवाही चलाने या अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के संबंध में विपक्ष के सवाल पर रिजिजू ने कहा कि हम दो-तीन हफ्ते बाद उस विषय पर बैठक बुलाएंगे, जिसकी चर्चा हमने विपक्ष के साथियों के साथ भी की है. उन्होंने विपक्षी दलों से महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील की.
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रिजिजू की इसी अपील पर संजय सिंह ने तंज कर दिया. राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के फ्लोर लीडर संजय सिंह ने कहा कि मंत्री जी कह रहे हैं कि इस पर राजनीति नहीं करनी है. उन्होंने कहा कि यह सेशन चल रहा था. अगर इनकी मंशा साफ होती तो इसी सेशन में यह बिल लेकर आते. संजय सिंह ने कहा कि आपको चुनाव देखकर राजनीति करनी है.
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संजय सिंह ने कहा कि राजनीति आप कर रहे हो. संजय सिंह की इसी बात पर किरेन रिजिजू भड़क गए. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद प्रोफेसर मनोज कुमार झा ने भी कहा कि ये कहा जा रहा है कि राजनीति मत करिए. हर चीज राजनीति है. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि 30 महीने तक ये इस बिल को तकिया बनाकर सोते रहे और अब चुनावों के बीच इनको इस बिल की याद आई है
हमने 2024 से ही लागू करने की मांग की थी- जयराम रमेश
जयराम रमेश ने कहा कि जब यह बिल संसद से पारित हुआ था, तब विपक्ष के नेता ने यह मांग की थी कि इसे 2024 के चुनाव से ही लागू किया जाए. सरकार ने तब कहा था कि हम जनगणना कराएंगे, डीलिमिटेशन होगा, इसके बाद लागू करेंगे. उन्होंने कहा कि 30 महीने तक ये सोए रहे. अब बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव देख अचानक इनकी नींद खुली है.