केरलम में कांग्रेस को जबरदस्त जीत मिली है लेकिन अब एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. कांग्रेस को तीन मुख्य नेताओं में से किसी को मुख्यमंत्री बनाना है. नाम घोषित नहीं किए गए हैं. कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में एक लंबी मीटिंग की. इस मीटिंग में मुख्यमंत्री के लिए कांग्रेस के तीनों दावेदार- केसी वेणुगोपाल, चेन्निथला और वीडी सतीशन ने अपनी-अपनी दावेदारी के पक्ष में दलीलें दीं.
सभी ने अंत में यह भी कहा कि आलाकमान का जो फैसला होगा, हम उसके साथ रहेंगे. सूत्रों की मानें तो केरलम के ज्यादातर विधायक वेणुगोपाल के समर्थन में हैं, लेकिन पार्टी के अन्य दिग्गज नेताओं की सहमति से ही फैसला होगा. राहुल गांधी को भी तय करना है कि वेणुगोपाल को केरलम का सीएम बनाए या अपने साथ संगठन महासचिव के रूप मे रखें.
कांग्रेस आलाकमान ने परोक्ष रूप से सभी नेताओं को उनके पक्ष में हो रही पोस्टरबाजी और प्रदर्शन पर लगाम लगाने की नसीहत दी. इसे लेकर भड़के राहुल गांधी ने सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इतनी सीटों पर जीत के बाद इस तरह की चीजें पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं. केरलम के नए सीएम पर अंतिम फैसले के लिए सोनिया गांधी को अधिकृत किया गया और यह तय हुआ कि नाम का ऐलान खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे.
कांग्रेस नेताओं को उम्मीद है कि केरलम के नए सीएम के नाम पर अगले 24 से 48 घंटों में फैसला हो सकता है. इससे पहले, मीटिंग के बाद कांग्रेस की महिला नेता दीपा दास मुंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री का फैसला 'बहुत जल्द' आएगा. लेकिन वो कब है इसका कोई पता नहीं. 23 मई को केरलम में सरकार बनाने की आखिरी तारीख है. कांग्रेस के अंदर असंतोष भी दिखा क्योंकि तीनों दल के नेता मुख्यमंत्री पद चाहते हैं.
केरलम के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) को जबरदस्त जीत मिली है. जनता ने बहुत बड़े बहुमत से उन्हें चुना है. अब कांग्रेस को मुख्यमंत्री का फैसला करना है. लेकिन UDF में तीन मुख्य दल हैं. तीनों ही अपने-अपने नेता को मुख्यमंत्री बनवाना चाहते हैं. इसीलिए फैसला लेना मुश्किल हो गया.
तीनों दल के नेता कौन हैं?
कांग्रेस के पास अपने नेता हैं. दूसरा दल है माक्सिस्ट कम्युनिस्ट पार्टी यानी CPI(M) का अपना नेता है. तीसरा दल है केरलम कांग्रेस जिसका अपना नेता है. हर दल चाहता है कि उनका नेता मुख्यमंत्री बने. इसलिए फैसला लेना मुश्किल है.
कांग्रेस ने क्या किया?
शनिवार को कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक लंबी मीटिंग बुलाई. इस मीटिंग में कांग्रेस के सभी महत्वपूर्ण नेता थे. राहुल गांधी भी थे. केरलम के सीनियर नेता रमेश चेन्नितला और वी. डी. सतीशन भी थे. कांग्रेस के केरल यूनिट के प्रमुख सनी जोसेफ भी थे. ये मीटिंग 3 घंटे से ज्यादा चली. इसमें सभी ने अपनी-अपनी राय दी कि मुख्यमंत्री कौन होना चाहिए.
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मीटिंग के बाद क्या बताया गया?
मीटिंग के बाद AICC की जनरल सेक्रेटरी दीपा दास मुंशी ने मीडिया से बातें की. उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी मुख्यमंत्री का फैसला लेंगे. उन्होंने कहा कि ये फैसला 'बहुत जल्द' आएगा.
23 मई क्यों महत्वपूर्ण है?
23 मई को केरलम में सरकार बनाने की आखिरी तारीख है. इसका मतलब है कि 23 मई तक मुख्यमंत्री बनाना होगा और शपथ लेनी होगी. अगर ऐसा नहीं हुआ तो राज्यपाल चुनाव के नियमों के हिसाब से कार्रवाई कर सकता है.
सभी विधायकों ने क्या किया?
कांग्रेस के सभी विधायकों ने एक प्रस्ताव पर साइन किया. इस प्रस्ताव में लिखा है कि सभी विधायक कांग्रेस की नेतृत्व को मुख्यमंत्री का फैसला लेने की अनुमति देते हैं. यानी जो भी फैसला खड़गे और राहुल लेंगे, सब मान लेंगे.
आगे क्या होगा?
अभी कोई नहीं जानता कि मुख्यमंत्री कब घोषित होंगे. दीपा दास मुंशी ने बस कहा है कि 'बहुत जल्द' सब कुछ हो जाएगा. लेकिन 23 मई तो आखिरी तारीख है. कांग्रेस के शीर्ष नेता खड़गे और राहुल गांधी सोच रहे हैं. वो सभी के मन को ध्यान में रखते हुए फैसला लेंगे.