दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ आज आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री आवास के घेराव की कोशिश की. इस दौरान आम आदमी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले भी लिया. इससे जुड़ी तस्वीरें और खबर आज पूरे दिन टीवी और सोशल मीडिया पर दिखती रही. उससे पहले ईडी की हिरासत से जारी केजरीवाल के कथित आदेश को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. ED ने दावा किया है कि केजरीवाल की ओर से जारी कथित निर्देश में जालसाजी हो सकती है. इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट के मुताबिक हिरासत से केजरीवाल ने कोई लेटर जारी नहीं किया है. ना ही उनसे किसी लेटर पर दस्तखत लिए गए हैं. दरअसल, दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने हिरासत से निर्देश दिया था कि दिल्ली के लोगों के पानी और सीवर की समस्या को हल किया जाए. वहीं स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि हिरासत से अपने दूसरे निर्देश में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली वालों को मुफ्त दवा और टेस्ट की सुविधा मिलती रहे.
हिरासत से फ़रमान पर मचा घमासान
उधर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी केजरीवाल के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. दिल्ली सचिवालय की तरफ जा रहे कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकैडिंग तोड़ दी. उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. इस दौरान कई बीजेपी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने डिटेन भी किया. वहीं,इस मामले में दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने केजरीवाल से इस्तीफा मांगा. दोनों पार्टियों ने प्रोटेस्ट किया तो किसका प्रोटेस्ट ज्यादा दमदार था और आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया कैंपेन ‘मैं भी केजरीवाल’ चलाने के पीछे की रणनीति क्या है? सुनिए 'दिन भर' की पहली ख़बर में.
पंजाब में BJP का ‘एकला चलो’
पंजाब में बीजेपी ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन को लेकर उसकी बात नहीं बनी है. इस बारे में पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने एक वीडियो संदेश के जरिये जानकारी दी है. जाखड़ ने कहा कि ये फैसला राज्य में लोगों, पार्टी कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर लिया गया है. पंजाब की 13 लोकसभा सीटों के लिए 1 जून को मतदान होगा.
इससे पहले शिरोमणि अकाली दल ने NDA के हिस्से के रूप में पंजाब में 2019 का लोकसभा चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर लड़ा था. लेकिन दोनों दलों के लिए रिजल्ट कुछ खास नहीं रहा था. कांग्रेस ने 13 में से 8 सीटें जीती थीं. शिरोमणि अकाली दल ने केंद्र की तरफ से लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में सितंबर 2020 में भारतीय जनता पार्टी के साथ अपना नाता तोड़ लिया था. NDA और इंडिया अलायंस दोनों तरफ गठबंधन पर बात नहीं बन पाने से सूबे के समीकरण कैसे होंगे, BJP की अकाली दल के साथ कहां बात फंस गई और वोटरों के बीच कोई कन्फ्यूजन की स्थिति है क्या? सुनिए 'दिन भर' की दूसरी ख़बर में.
UN सख़्त, बेपरवाह नेतन्याहू?
गाजा में इजराइल-हमास में साढ़े 5 महीने से जंग जारी है. लेकिन अब युद्धविराम को लेकर यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल में रेजोल्यूशन पारित हो गया है. अमेरिका ने इस पर मतदान नहीं किया लेकिन इसके पक्ष में 14 वोट पड़े हैं. संयुक्त राज्य संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि इस प्रस्ताव को जरूर लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा है कि इसमें विफलता माफी योग्य नहीं होगी.
ये पहली बार है जब अमेरिका ने सीजफायर के प्रस्ताव पर वोट नहीं डाला. इससे पहले 3 बार वो UNSC में इन प्रस्तावों पर वीटो लगा चुका है. युद्धविराम की मांग वाले प्रस्ताव पर अमेरिका के वीटो नहीं करने से इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने नाराजगी जाहिर की है. अमेरिका की तरफ से इजरायल पर युद्धविराम को लेकर कथित रूप से लगातार दबाव बनाया जा रहा था. इस पर दोनों मुल्कों में बातचीत चल रही थी. जिस पर अब बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि वो अमेरिका के वीटो नहीं करने से वाशिंगटन में योजना के मुताबिक डेलिगेशन नहीं भेजेंगे. युद्ध विराम का रेजोल्यूशन पास तो हो गया है लेकिन अब इसमें आगे क्या होगा और क्या इससे इजरायल-अमेरिका की दोस्ती पर भी कोई असर पडे़गा? सुनिए 'दिन भर'की तीसरी ख़बर में.