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हिमालय से रेगिस्तान तक योग के रंग में रंगी सेना, देशभर में मनाया योग दिवस

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भारतीय सेना ने देशभर में योग कार्यक्रम आयोजित किए. इन कार्यक्रमों में सैनिकों, पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों, NCC कैडेटों और आम नागरिकों ने हिस्सा लेकर योगाभ्यास किया.

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योग करते भारतीय सेना के जांबाज जवान. (Photo: ITG)
योग करते भारतीय सेना के जांबाज जवान. (Photo: ITG)

हिमालय की ऊंची चौकियों से लेकर रेगिस्तानी इलाकों तक रविवार को भारतीय सेना योग के रंग में नजर आई. 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सेना ने देशभर में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें सैनिकों के साथ पूर्व सैनिक, उनके परिवार, एनसीसी कैडेट और आम नागरिक भी शामिल हुए. इस दौरान सेना ने फिटनेस, मानसिक मजबूती, अनुशासित जीवन के अपने संदेश को फिर सामने रखा.

असम के तेजपुर में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सैनिकों के साथ योगाभ्यास किया. इस कार्यक्रम के जरिए बताया गया कि मुश्किल हालातों में तैनात जवानों के लिए शरीर की फिटनेस, मन की शांति कितनी जरूरी है. सेना का मानना है कि योग करने से जवानों की ताकत बढ़ती है, साथ ही उन्हें तनाव से निपटने में भी मदद मिलती है.

दिल्ली में जुटे 3500 से ज्यादा लोग

राजधानी दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में 3500 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया. इसमें महिलाएं, बच्चे, NCC कैडेट, सैनिक, पूर्व सैनिक और उनके परिवार शामिल रहें. कार्यक्रम में 17 से ज्यादा देशों के विदेशी मेहमान भी शामिल हुए, जिससे पता चलता है कि अब पूरी दुनिया में योग को कितनी बड़ी पहचान मिल चुकी है.

इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' यानी 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' रखी गई है. सेना ने इसे अपने फिटनेस और आजीवन स्वास्थ्य के लक्ष्य से जोड़ा. कार्यक्रमों के दौरान योग को सिर्फ व्यायाम नहीं बल्कि बेहतर जीवनशैली का हिस्सा बताया गया.

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देशभर की सभी सैन्य छावनियों, सेना के ठिकानों पर भी योग के कार्यक्रम हुए, जहां जवानों के साथ उनके परिवारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. सेना का कहना है कि रोज योग करने से शरीर में ताकत आती है, मन मजबूत होता है, जीने का तरीका बेहतर हो जाता है. इन आयोजनों में 'वसुधैव कुटुम्बकम्' यानी पूरी दुनिया एक परिवार है की भावना भी साफ दिखी. सेना ने इस बात पर जोर दिया कि योग भारत की प्राचीन परंपरा होने के साथ आज पूरी दुनिया को जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है, जो हर किसी को अच्छी सेहत, संतुलन, एकता का संदेश देता है.

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