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निर्वस्त्र मंदिर पहुंची, देवी की मूर्ति उठाई और तालाब में लगा दी छलांग! सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत की गुत्थी उलझी

हैदराबाद की सॉफ्टवेयर इंजीनियर तेजस्विनी की कथित आत्महत्या का मामला लगातार रहस्यमय होता जा रहा है. जांच में सामने आया है कि वह कथित तौर पर निर्वस्त्र अवस्था में मंदिर पहुंची, देवी अम्मावारू की मूर्ति उठाई और फिर तालाब में छलांग लगा दी. अब पुलिस उसकी मां से पूछताछ कर रही है, जबकि DRF तालाब में मूर्ति की तलाश में जुटी है.

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तालाब में मूर्ति की तलाश में जुटी DRF.(Photo:  Abdul Basheer/ITG)
तालाब में मूर्ति की तलाश में जुटी DRF.(Photo: Abdul Basheer/ITG)

हैदराबाद के पीरजादीगुड़ा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर तेजस्विनी की कथित आत्महत्या का मामला हर गुजरते दिन के साथ और ज्यादा रहस्यमय होता जा रहा है. मेडिपल्ली पुलिस अब इस मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है. जांच के तहत तेजस्विनी की मां अरुणा से भी पूछताछ की गई है. पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं, जिनके चलते यह दर्दनाक घटना हुई.

प्रारंभिक जांच के मुताबिक, तेजस्विनी कथित तौर पर अपने कपड़े उतारकर पास के एक मंदिर की ओर दौड़ी थी. वहां से उसने देवी अम्मावारू की मूर्ति उठाई और फिर नजदीक स्थित एक तालाब की तरफ चली गई. पुलिस का दावा है कि वह मूर्ति को अपने साथ लेकर तालाब में कूद गई,जिससे उसकी मौत हो गई. हालांकि पुलिस अभी इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है और हर पहलू की जांच जारी है.

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घटना के क्रम को समझने के लिए पुलिस इलाके के CCTV फुटेज खंगाल रही है. साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि मंदिर से तालाब तक तेजस्विनी की गतिविधियां क्या थीं और उस दौरान उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं.

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तालाब में मूर्ति की तलाश में जुटी DRF

जांच एजेंसियों के लिए सबसे अहम सबूतों में से एक देवी अम्मावारू की मूर्ति मानी जा रही है. इसी वजह से डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (DRF) की टीमों को तालाब में उतारा गया है. नावों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि मूर्ति को बरामद किया जा सके.

पुलिस का मानना है कि यदि मूर्ति बरामद होती है तो इससे घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है. फिलहाल सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है और जांच अधिकारी हर संभावित साक्ष्य जुटाने की कोशिश कर रहे हैं.

उधर, पुलिस इस बात की भी पुष्टि करने में जुटी है कि तेजस्विनी मंदिर पहुंची, मूर्ति उठाई और तालाब तक कैसे पहुंची. इसके लिए तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है.

₹3,500 रोज का किराया, लॉज की तरह चल रही थी बिल्डिंग

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक तेजस्विनी एक किराए के अपार्टमेंट में रह रही थी, जहां वह कथित तौर पर प्रतिदिन ₹3,500 का भुगतान कर रही थी. इस हिसाब से उसका मासिक खर्च लगभग ₹1 लाख तक पहुंच रहा था.

जांच में यह भी पता चला है कि जिस इमारत में वह रह रही थी, उसकी ऊपरी दो मंजिलों का कथित तौर पर लॉज की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था. पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि वहां कौन-कौन लोग आते-जाते थे और तेजस्विनी वहां किन परिस्थितियों में रह रही थी.

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अधिकारियों ने अपार्टमेंट परिसर का भी निरीक्षण किया है और वहां से मिले तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया है. पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि कहीं इस ठिकाने का इस पूरे मामले से कोई संबंध तो नहीं है.

डेथ डिक्लेरेशन, पैसों का लेनदेन और मौत की वजह पर जांच

मामले की जांच अब कई अलग-अलग दिशाओं में आगे बढ़ रही है. पुलिस तेजस्विनी के कथित डेथ डिक्लेरेशन, उसके बैंक और वित्तीय लेनदेन, अपार्टमेंट में रहने की परिस्थितियों और घटना से पहले की उसकी गतिविधियों की विस्तार से जांच कर रही है.

फिलहाल, पुलिस ने आत्महत्या के पीछे किसी एक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा.

इस बीच तेजस्विनी की मां से पूछताछ, तालाब में देवी अम्मावारू की मूर्ति की तलाश, CCTV फुटेज की जांच और अपार्टमेंट से जुड़े नए खुलासों ने इस मामले को और ज्यादा रहस्यमय बना दिया है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत की असली वजह और पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकेगी.

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