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अगर अमेरिका में किसी की चली जाती है नौकरी, तो सरकार देती है पैसे, मिलती है कई सुविधाएं

अमेरिका में नौकरी करना लाखों युवाओं का सपना होता है लेकिन वहां काम करने के नियम और कर्मचारियों को मिलने वाले अधिकारों के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि अगर अमेरिका में किसी की नौकरी चली जाए, तो क्या सरकार उसकी मदद करती है? तो इसका जवाब है-हां. लेकिन इसके लिए भी कुछ शर्तों लागू होती हैं. अगर किसी कर्मचारी की नौकरी उसकी गलती के बिना, जैसे कंपनी में छंटनी या कारोबार बंद होने की वजह से चली जाती है, तो वह सरकारी बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन कर सकता है. 

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अमेरिका में नौकरी जाने के बाद क्या सरकार करती है मदद?
अमेरिका में नौकरी जाने के बाद क्या सरकार करती है मदद?

अमेरिका में नौकरी चले जाने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति पूरी तरह अकेला हो जाए. अगर किसी कर्मचारी की नौकरी उसकी गलती के बिना चली जाती है यानी कंपनी में छंटनी हो जाए या कारोबार बंद हो जाए, तो वह सरकारी मदद के लिए आवेदन कर सकता है. हालांकि, इस मदद हर किसी को नहीं मिलती है. इसके लिए कुछ शर्तें भी लागू होती हैं. सरकार उन लोगों को बेरोजगारी भत्ते की सुविधा देती है. 

क्या है बेरोजगारी बीमा? 

अमेरिका में बेरोजगार लोगों के लिए बेरोजगारी बीमा की व्यवस्था देते हैं. यह केंद्र और राज्य सरकारों का संयुक्त कार्यक्रम है लेकिन इसे हर राज्य अपने नियमों के अनुसार संचालित करते हैं. इसलिए मिलने वाली रकम, अवधि और पात्रता हर राज्य के मुताबिक अलग हो सकती है. हालांकि, इसके लिए कुछ नियमों का फॉलो करना अनिवार्य है. 

किसे मिलता है इसका फायदा? 

बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए आमतौर पर इन शर्तों का पूरा करना अनिवार्य होता है. 

नौकरी आपकी गलती के बिना गई हो.
पिछले 12–24 महीनों में तय अवधि तक काम किया हो और न्यूनतम आय अर्जित की हो. 
नई नौकरी की सक्रिय रूप से तलाश कर रहे हों.
राज्य के अन्य पात्रता नियम पूरे करते हों. 

इतने समय के लिए मिलती है मदद

ज्यादातर राज्यों में तो पात्र लोगों को लगभग 26 सप्ताह तक बेरोजगारी भत्ता मिल सकता है. अगर देश या किसी राज्य में आर्थिक संकट गहरा हो और बेरोजगारी बहुत बढ़ जाए, तो कुछ स्थितियों में इसकी  अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है.

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क्या पूरी मिलती है सैलरी? 

एक सवाल जो सबसे ज्यादा पूछा जाता है वह ये है कि क्या इसमें पूरी सैलरी दी जाती है. तो इसका जवाब है नहीं. आमतौर पर कर्मचारी की पिछली कमाई के आधार पर सीमित साप्ताहिक भुगतान किया जाता है और इसकी अधिकतम सीमा हर राज्य के लिए अलग-अलग तय की जाती है.  इसके साथ ही अगर किसी परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा खराब हो जाए, तो पात्रता के आधार पर उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं का भी फायदा मिलता है. इनमें खाद्य सहायता (SNAP), स्वास्थ्य बीमा (Medicaid), अस्थायी नकद सहायता (TANF) और कुछ मामलों में किराया या अन्य जरूरी खर्चों को भी शामिल किया जाता है. 

अगर खुद छोड़ दे नौकरी तो? 

अगर कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से नौकरी छोड़ता है, तो कई राज्यों में वह बेरोजगारी भत्ते के लिए पात्र नहीं माना जा सकता. हालांकि, आखिरी फैसला राज्य के नियमों के आधार पर होता है. 
 

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