प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन को लेकर सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन करके बहुत गलत और खतरनाक परंपरा की शुरुआत की है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, 'यह सिर्फ सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है, बल्कि ऐसी दुर्भावनापूर्ण राजनीति परिपक्व लोकतंत्रों में देखने को नहीं मिलती. हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि हमारे पड़ोसी देशों में तब क्या हुआ था, जब नेताओं के आवासों को विरोध-प्रदर्शन का निशाना बनाया गया था.'
इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया. प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. कांग्रेस नेताओं ने नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं और छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की.
सरकार की ओर से जितेंद्र सिंह ने की बातचीत
प्रदर्शन के दौरान सरकार की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह कांग्रेस नेताओं से बातचीत करने पहुंचे. उनके साथ गृह सचिव गोविंद मोहन भी मौजूद थे. लेकिन, दोनों पक्षों के बीच बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी. जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कहा कि सरकार ने संसद में नीट मुद्दे पर चर्चा कराने की कांग्रेस की मांग स्वीकार कर ली थी. लेकिन इसके बाद राहुल गांधी ने अपनी मांग बदलते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग रख दी.
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया गया, क्योंकि प्रधानमंत्री आवास के बाहर का क्षेत्र प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान नहीं है और वहां धरना देने से आम लोगों को काफी असुविधा हो रही थी. पीएम आवास के बाहर कांग्रेस और विपक्षी नेताओं के धरना जारी रखने के बाद पुलिस और आरपीएफ हरकत में आई. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को राजाजी मार्ग से प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ने के दौरान रोक दिया और उन्हें तितर-बितर कर दिया. घटनास्थल के वीडियो में सुरक्षाकर्मी राहुल गांधी को धरने के दौरान हिरासत में लेकर वहां से ले जाते हुए दिखाई दिए. राहुल गांधी के एक सहयोगी ने दावा किया कि इस दौरान उनकी आंख के नीचे चोट भी लगी. वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर भी नाटकीय दृश्य सामने आए. पुलिस हिरासत के दौरान जब बस चलने लगी तो प्रियंका गांधी बस के दरवाजे को पकड़कर खड़ी नजर आईं. पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'वे कायर हैं. वे डरे हुए हैं. हम उनसे नहीं डरते, बल्कि वे हमसे डरते हैं.'