कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने बीजेपी पर दलित मंत्री को निशाना बनाने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें परेशान करने की कोशिश की जा रही है. साथ ही डिप्टी सीएम ने बीजेपी पर मनरेगा पर बहस को भी टालने का आरोप लगाया.
बुधवार को विधानसभा के बाहर मीडिया से बात करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा, बीजेपी के शासन के दौरान पीएसआई समेत कई घोटाले हुए हैं, लेकिन किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली और न ही किसी ने इस्तीफा दिया. अब बीजेपी एक दलित मंत्री को परेशान करने की कोशिश कर रही है. उनके इस्तीफे की मांग कर रही है.
डिप्टी सीएम ने किया मंत्री का बचाव
शिवकुमार ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री प्रियांक खड़गे (थिम्मापुर के संदर्भ में) का बचाव करते हुए कहा कि मंत्री ने बीजेपी शासनकाल के दौरान हुए सभी भ्रष्टाचार को उजागर किया है.
उन्होंने कहा कि बीजेपी द्वारा मंत्री थिम्मापुर पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं. इनमें कोई सबूत नहीं है. विपक्ष अपनी मौजूदगी दिखाने के लिए ऐसा कर रहा है.
'मनरेगा के अच्छे काम नहीं पचा पा रही...'
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी विधानसभा में नाटक रच रही है, ताकि मनरेगा (MGNREGA) पर चर्चा न हो सके. शिवकुमार ने कहा, 'बीजेपी मनरेगा के तहत हुए अच्छे काम को देख नहीं पा रही है. पहले पंचायतें ही योजना के तहत काम तय करती थीं, लेकिन नई योजना में केंद्र तय करेगा. ये योजना बीजेपी शासित राज्यों में भी लागू करना असंभव है, अगर बीजेपी तैयार है तो हम मनरेगा पर बहस के लिए तैयार हैं.'
डीके शिवकुमार ने आगे कहा कि बीजेपी नेता VBGRAMG का बचाव नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे चर्चा से भटकाव पैदा कर रहे हैं और असली मुद्दों से ध्यान हटाना चाहते हैं.