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अभिजीत दीपके का बड़ा आरोप- 'पुलिस मांग रही पहचान पत्र', मिला ये जवाब

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में CJP का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा. पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की बात कही. प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने दोबारा परीक्षा देने से हुए मानसिक तनाव की बात रखी.

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CJP का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा. Photo PTI
CJP का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा. Photo PTI

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा. NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद को लेकर शुरू हुए इस प्रदर्शन में पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला. शनिवार से शुरू हुआ यह धरना लगातार जारी है. प्रदर्शन में शामिल छात्र और समर्थक रातभर भी जंतर-मंतर पर डटे रहे. रविवार को हुई NEET री-एग्जाम में शामिल कुछ अभ्यर्थी भी धरना स्थल पहुंचे और अपनी परेशानियां साझा कीं.

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि कुछ मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचने वाले छात्रों को परीक्षा से वंचित कर दिया जाता है, लेकिन पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जवाबदेही तय नहीं की जाती. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा न्यूनतम मांग है और छात्रों के साथ हुए अन्याय के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

धरने में शामिल बिहार के एक छात्र ने कहा कि परीक्षा दोबारा देने के कारण छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ा है. उसने बताया कि परीक्षा खत्म होने के बाद छात्र राहत महसूस करते हैं, लेकिन पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से उन्हें फिर से तैयारी करनी पड़ी.

दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी जंतर-मंतर आकर छात्रों से मिलने की अपील की. उन्होंने कहा कि छात्र अपनी समस्याएं और अनुभव सीधे प्रधानमंत्री के सामने रखना चाहते हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की आवाज उठाना किसी प्रकार का उकसावा नहीं है, बल्कि उनके अधिकारों की लड़ाई है.

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इस बीच अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस छात्रों को धरने में शामिल होने से रोक रही है और उनसे आधार कार्ड मांगे जा रहे हैं. हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि न तो किसी का आधार कार्ड जांचा गया और न ही किसी की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र की गई.

धरने में एसएफआई, आइसा, एआईएसएफ और केवाईएस जैसे वामपंथी छात्र संगठनों और युवा संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए. एआईएसएफ ने प्रदर्शन स्थल पर एक अस्थायी पुस्तकालय भी स्थापित किया है.

CJP की मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, कथित पेपर लीक विवाद से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं. सुरक्षा व्यवस्था के बीच जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन जारी है.

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