क्या आप जानते हैं कि आज दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाला शब्द "साइक्लोन" भारत में ही जन्मा है? यह सच है... 19वीं सदी में एक अंग्रेज़ शख्स ने भारत में रहते हुए साइक्लोन नाम को गढ़ा, और इसके पीछे ग्रीक भाषा का एक शब्द है cyclos, जिसका मतलब है सांप की कुंडली जैसा.
यह कहानी है हेनरी पिडिंगटन की. जो एक ब्रिटिश जहाज के कप्तान थे. उन्होंने भारत और चीन के बीच समुद्र में बहुत यात्राएं कीं. बाद में वे कोलकाता (तब कलकत्ता) में आकर बस गए. वहां उन्होंने समुद्री मामलों से जुड़े कोर्ट में काम किया. 1830-40 के दशक में उन्हें जहाजों के पुराने रिकॉर्ड (लॉगबुक) पढ़ने का मौका मिला. जिसमें बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर में आने वाले भयंकर तूफानों के बारे में लिखा था.
पिडिंगटन (Henry Piddington) ने इन तूफानों का गहराई से अध्ययन किया. उन्होंने देखा कि इन तूफानों में हवा सीधी नहीं चलती, बल्कि एक शांत केंद्र के चारों ओर घूमती रहती है. यह घुमाव ऐसा होता है जैसे कोई सांप अपनी पूंछ से सिर तक लिपटकर कुंडली मार रहा हो. अगर आसमान से ऊपर से देखा जाए, तो तूफान बिल्कुल सांप की कुंडली जैसा लगता है.
इस खास आकृति को नाम देने के लिए उन्होंने ग्रीक भाषा का एक शब्द चुना "कुक्लोस" (kyklos या kuklos). इस शब्द का मतलब है गोलाकार या चक्र. लेकिन पिडिंगटन ने इसे और स्पष्ट करते हुए कहा कि यह "साँप की कुंडली" (coil of a snake) जैसा है. उन्होंने 1848 में अपनी मशहूर किताब "The Sailor's Horn-Book for the Law of Storms" में पहली बार Cyclone शब्द का इस्तेमाल किया.
पिडिंगटन ने लिखा था कि नाविकों को नए नाम पसंद नहीं होते, लेकिन यह शब्द इस्तेमाल करने से बात साफ हो जाएगी. इससे तूफान की घुमावदार प्रकृति समझ आएगी, और "गेल", "स्टॉर्म" या "हरीकेन" जैसे शब्दों से कन्फ्यूजन नहीं होगा. उस समय भारत में कोई मौसम विभाग नहीं था. भारत मौसम विभाग (IMD) तो 1875 में बना है, लेकिन पिडिंगटन ने 1840 के आसपास ही तूफानों के नियम समझने की कोशिश की. उन्होंने नाविकों को बताया कि तूफान में जहाज कैसे सुरक्षित चलाएं.
उन्होंने बंगाल की खाड़ी में आने वाले तूफानों को खासकर "साइक्लोन" कहा, क्योंकि ये यहां बहुत तेज और खतरनाक होते थे. आज जब हम सुनते हैं कि "साइक्लोन फानी' ने तबाही मचाई या "साइक्लोन मोंथा' ने असर दिखाया तो याद आता है कि साइक्लोन नाम भारत में पैदा हुआ है. पिडिंगटन ने न सिर्फ नाम दिया, बल्कि तूफानों की समझ को आगे बढ़ाया.