केरल में सबरीमाला गोल्ड चोरी केस को लेकर सियासत गरमा गई है. कांग्रेस ने तंत्री (धार्मिक पद) की गिरफ्तारी को साजिश बताते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. विपक्ष का आरोप है कि सीपीएम नेताओं पर लगे आरोपों से ध्यान भटकाने के लिए तंत्री को गिरफ्तार किया गया.
कांग्रेस नेता रमेश चेनिथला ने कहा कि सरकार मंत्री को बचा रही है और तंत्री को निशाना बना रही है. उन्होंने कहा कि कोल्लम विजिलेंस कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि तंत्री कंडारारू राजीवरू के खिलाफ एक भी पुख्ता सबूत नहीं है. इसके बावजूद उन्हें 41 दिन जेल में रहना पड़ा. चेनिथला ने आरोप लगाया कि जब विपक्ष इस मुद्दे को उठा रहा है तो सरकार और मंत्री अदालत की आलोचना कर रहे हैं और चार्जशीट दाखिल करने में देरी की जा रही है.
उन्होंने कहा कि केस में जेल में बंद बाकी आरोपी एक-एक कर जमानत पा रहे हैं. अब सिर्फ पद्मकुमार बचे हैं और उन्हें भी जल्द जमानत मिल सकती है. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार असली आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है.
कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सरकार का रुख क्या है. पहले जो हलफनामा दाखिल किया गया था, वह अब भी कायम है या नहीं, इस पर मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए. विपक्ष ने विधानसभा में देवस्वम मंत्री के इस्तीफे की मांग की और इसी मुद्दे पर सदन का बहिष्कार किया. कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि तंत्री की गिरफ्तारी इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश का समर्थन नहीं किया था.
सदन में हंगामे के दौरान कांग्रेस विधायक बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी करते नजर आए. वहीं सत्तापक्ष ने भी पलटवार करते हुए पोस्टर दिखाए. बाद में विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया. इस बीच विधानसभा में नेटिविटी कार्ड बिल भी पेश किया गया, जिसे आगे की जांच के लिए संबंधित समिति के पास भेज दिया गया है.