भारतीय जनता पार्टी ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए शुक्रवार शाम नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्नीदवार घोषित किया है. पार्टी ने यह फैसला तब लिया जब एक दिन पहले ही नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हां 'बंटी' ने शुक्रवार शाम अचानक ही नामांकन वापसी का ऐलान कर दिया. उन्होंने पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी और साथ ही बताया कि वह पारिवारिक कारणों से नाम वापस ले रहे हैं.
बांकीपुर सीट से लड़ेंगे चुनाव
इसीके बाद नीरज कुमार सिन्हा का नाम लाइम लाइट में आया. बीजेपी ने उन्हें बांकीपुर सीट से विधायकी के उम्मीदवार के तौर पर उतारा है. अब नीरज कुमार सिन्हा बीजेपी की ओर से बांकीपुर विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ेंगे. पार्टी की ओर से नए उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही इस सीट पर चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. बता दें इस सीट से ही प्रशांत किशोर खुद भी चुनावी मैदान में हैं.
बूथ अध्यक्ष, मंडल महामंत्री और युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां निभाईं
नीरज कुमार सिन्हा का जन्म 1 जुलाई 1994 को पटना में हुआ. उन्होंने स्नातक (बी.ए.) तक शिक्षा प्राप्त की है और अविवाहित हैं. वर्ष 2006 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता लेकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. संगठन में उन्होंने बूथ अध्यक्ष, मंडल महामंत्री और भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. वर्तमान में वह लगातार दूसरी बार नरेंद्र भारती मंडल के मंडल अध्यक्ष हैं. उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी मजबूत रही है. उनके चाचा स्वर्गीय नरेंद्र भारती जनसंघ के सक्रिय कार्यकर्ता थे और उनकी स्मृति में ही मंडल का नाम नरेंद्र भारती मंडल रखा गया है.
क्यों अहम है बांकीपुर उपचुनाव?
बांकीपुर उपचुनाव अपने चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों के कारण भी अहम बन गया है. देशभर में कई मुख्यमंत्रियों और पार्टियों को सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाने वाले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) खुद इस मैदान से ताल ठोक रहे हैं वह और घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं.
वीना मानवी भी हैं मैदान में
वहीं, पुरुष अधिकार संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता वीना मानवी भी बांकीपुर सीट से लड़ रही हैं. समाज में अपनी बेबाक छवि और सामाजिक मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहने वाली वीना मानवी ने तेज प्रताप यादव की पार्टी से किस्मत आजमा रही है. लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की नई पार्टी जनशक्ति जनता दल से चुनाव लड़ रही वीना मानवी की नजर ओबीसी से लेकर दलित और अल्पसंख्यक वोटों पर है, जिसका विश्वास जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है.