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'सिद्धिविनायक चढ़ावे की लूट पर क्यों थे खामोश?', उद्धव ठाकरे पर बरसे डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे

एकनाथ शिंदे ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में हुई घटना से देश भर के करोड़ों राम भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले की गहन जांच जारी है और सख्त कार्रवाई की जा रही है.

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एकनाथ शिंदे ने कहा, राम मंदिर में जो हुआ उसका कोई समर्थन या बचाव नहीं कर सकता. (Photo: X/@ShivSena)
एकनाथ शिंदे ने कहा, राम मंदिर में जो हुआ उसका कोई समर्थन या बचाव नहीं कर सकता. (Photo: X/@ShivSena)

महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अयोध्या के राम मंदिर में सुरक्षा में हालिया चूक की घटनाओं की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतों का समर्थन नहीं किया जा सकता और इससे भगवान राम के भक्तों को बहुत दुख पहुंचा है.

एकनाथ शिंदे ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यह सुनिश्चित करेंगे कि जिम्मेदार लोगों को कड़ी कानूनी सजा मिले.

इस बीच, विपक्ष पर निशाना साधते हुए उपमुख्यमंत्री ने ऐसे दस्तावेज पेश किए जिनमें उद्धव ठाकरे के कार्यकाल के दौरान सिद्धि विनायक मंदिर के दान-पात्रों के कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था. 

उन्होंने हिंदुत्व के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पालघर में साधुओं की लिंचिंग पर चुप्पी, विवादित लोगों के साथ कथित राजनीतिक गठबंधन और चुनावों के दौरान आपत्तिजनक झंडे फहराने जैसी घटनाओं का जिक्र किया.

एकनाथ शिंदे ने कहा, 'अयोध्या के राम मंदिर में जो हुआ, उसका कोई समर्थन या बचाव नहीं कर सकता. इससे देश भर के करोड़ों राम भक्तों को गहरा दुख पहुंचा है और उनकी भावनाएं आहत हुई हैं. मैं सभी को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि मामले की गहन जांच चल रही है और सख्त कार्रवाई की जा रही है. PM मोदी और यूपी के CM योगी आदित्यनाथ इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेंगे. वे सुनिश्चित करेंगे कि जिम्मेदार लोगों को जेल भेजा जाए और कानून के तहत कड़ी सजा दी जाए.'

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उन्होंने आगे बताया, जो लोग आज हमारी आलोचना कर रहे हैं उन्हें मैं याद दिलाना चाहता हूं, जब आपके राजनीतिक सहयोगी सिद्धि विनायक मंदिर के दान-पात्रों को लूटते हुए पकड़े गए थे, तब आपने जांच के आदेश क्यों नहीं दिए?

शिंदे ने कहा, मेरे पास यहां दस्तावेजी सबूत हैं जो दिखाते हैं कि आपकी निगरानी में कैसा कुप्रबंधन हुआ था. क्या मंदिर के फंड को लूटना ही आपका हिंदुत्व है? 

उन्होंने सवाल उठाया कि सिद्धि विनायक दान में हुई लूट पर आप चुप क्यों थे? वीर सावरकर का अपमान करने वालों के साथ बैठना, बालासाहेब ठाकरे के आदर्शों को कमजोर करना, साधुओं की बेरहमी से हत्या होने पर पूरी तरह चुप रहना और वोट बैंक के लिए चुनाव प्रचार के दौरान देश-विरोधी तत्वों को पाकिस्तान के झंडे फहराने देना, क्या आप इसी को हिंदुत्व कहते हैं?

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