सीएम योगी ने अयोध्या के बिकापुर की रैली में हनुमानगढी की जिस घटना का जिक्र किया गया, उसके बारे में तथ्य सामने आए हैं कि ये घटना 27 अक्टूबर 2003 से 25 नवंबर 2003 के बीच रमजान की है. तब हनुमानगढ़ी के 4 पट्टियों में से एक सागरिया पट्टी के महंत ज्ञानदास थे. जिनकी बाबरी मामले के पक्षकार हाशिम अंसारी से मित्रता थी. ज्ञानदास इफ्तार कराया करते थे. उस साल भी इफ्तार आयोजित किया था और चटाइयां मंदिर के बाहर सीढ़ियों के पास बिछी थीं. लेकिन खुफिया रिपोर्ट के हवाले से तत्कालीन एसएसपी ने इसे हटवा दिया था. फिर इफ्तार मंदिर के सामने से हटाकर दूसरी जगह कराया गया था.