बेंगलुरु में पुलिस के सत्यापन अभियान के दौरान अवैध रूप से रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए लोगों में एक 17 वर्षीय लड़की और 23 वर्षीय मोहम्मद उमर शामिल हैं. लड़की बांग्लादेश की राजधानी ढाका की रहने वाली है, जबकि मोहम्मद उमर बांग्लादेश के बागेरहाट जिले का निवासी बताया गया है.
पुलिस के मुताबिक, दोनों बेंगलुरु के विंसम ट्री कम्युनिटी में काम कर रहे थे और शहर के के. नारायणपुरा इलाके में रह रहे थे, जो कोठनूर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है. बुधवार को पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के दौरान दोनों को पकड़ा गया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान उनके पास भारत में रहने से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं मिले.
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एफआरआरओ को सौंपा गया मामला
पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ के बाद दोनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के हवाले कर दिया है. अधिकारियों के अनुसार अब इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई आव्रजन नियमों के अनुसार की जाएगी.
अधिकारी ने बताया कि फिलहाल दोनों को एक डिटेंशन सेंटर में भेज दिया गया है, जहां आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने के उद्देश्य से की जा रही है.
गृह मंत्री के निर्देश पर चल रहा अभियान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह विशेष अभियान कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर के निर्देश के बाद चलाया जा रहा है. फरवरी में गृह मंत्री ने राज्य पुलिस विभाग को निर्देश दिया था कि बांग्लादेशी या अन्य विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाया जाए.
इसी के तहत पुलिस विभिन्न इलाकों में सत्यापन अभियान चला रही है, ताकि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सके.