बजट सत्र के दूसरे हाफ की हंगामेदार शुरूआत हुई है. लोकसभा और राज्यसभा, संसद के दोनों सदनों में पहले दिन जोरदार हंगामा हुआ. विपक्ष ने एनर्जी सिक्योरिटी और खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा की डिमांड करते हुए जोरदार हंगामा किया. लोकसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक और फिर शाम तीन बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.
दोपहर 12 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तब लोकसभा में कार्यवाही का संचालन करने चेयर पर जगदंबिका पाल आए. जगदंबिका पाल ने कहा कि सदस्यों की ओर से कुछ विषयों पर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस प्राप्त हुआ है. किसी को भी माननीय अध्यक्ष ने अनुमति प्रदान नहीं की है. इस पर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया.
असदुद्दीन ओवैसी ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज किया. ओवैसी रुल बुक लेकर खड़े हो गए. इस पर जगदंबिका पाल ने ओवैसी को टोकते हुए कहा कि कोई पॉइंट ऑफ ऑर्डर नहीं है. उन्होंने कहा कि मुझे पूरी अथॉरिटी है. जगदंबिका पाल ने अपनी बात पूरी की और इसके बाद कहा कि कौन सा नियम आप बता रहे हैं, वो नियम नहीं है. कोई नियम नहीं है.
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जगदंबिका पाल ने कहा कि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अभी आया नहीं है. अविश्वास प्रस्ताव पर अभी चर्चा नहीं हुई. उन्होंने इसके बाद अपनी बात में थोड़ा बदलाव करते हुए कहा कि अध्यक्ष की अनुमति से इसे मैं खारिज करता हूं. इसके बाद पीठासीन जगदंबिका पाल ने लिस्टेड बिजनेस लेने शुरू कर दिए. विपक्षी सदस्य वेल में आ गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी.
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विदेश मंत्री के बयान के दौरान भी हंगामा
लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान की जंग पर बयान दिया. पीठासीन ने विपक्षी सदस्यों से विदेश मंत्री के महत्वपूर्ण बयान के दौरान शांत होकर अपनी चेयर पर बैठने की अपील की, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ और विदेश मंत्री जयशंकर ने हंगामे के बीच ही अपनी बात पूरी की.