आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने NEET पेपर लीक और विदेश नीति को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने देश के युवाओं यानी GenZ से भ्रष्टाचार के खिलाफ क्रांति का आह्वान किया. इसके साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की है. अरविंद केजरीवाल ने देश के GenZ को संबोधित करते हुए भारत में बार-बार होने वाले NEET पेपर लीक पर गहरी चिंता जताई.
केजरीवाल ने कहा कि हर बार की तरह सीबीआई को जांच सौंपी गई और 10-12 गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन आरोपी जल्द ही जमानत पर बाहर आकर फिर से पेपर लीक करेंगे. उन्होंने केजरीवाल ने भारतीय युवाओं से नेपाल के GenZ की तरह क्रांति लाने और भ्रष्ट मंत्रियों को जेल भेजने की अपील की है.
अरविंद केजरीवाल ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि हालिया पेपर लीक बीजेपी शासित राज्यों में हुए हैं, जिससे इसके नेताओं की संलिप्तता पर संदेह पैदा होता है. केजरीवाल ने युवाओं से 'सिस्टम' के बजाय उन भ्रष्ट नेताओं का नाम लेने और उनकी गिरफ्तारी की मांग करने को कहा है, जो इसके पीछे हैं.
ट्रंप को लेकर हमला
अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए पूछा कि सरकार डोनाल्ड ट्रंप से क्यों डर रही है. उन्होंने रूसी गैस टैंकरों को अनुमति न देने की खबरों का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम ने भारतीयों से ईंधन बचाने को कहा लेकिन हमने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया.
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केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि पीएम मोदी विदेशी दबाव के आगे झुक रहे हैं, जबकि अन्य वर्ल्ड लीडर्स ने ट्रंप के निर्देशों को मानने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार दबाव का सामना नहीं कर सकती, तो नरेंद्र मोदी इस्तीफा दे दे.
केजरीवाल के मुताबिक, भारत में कई निडर नेता हैं, जो ट्रंप को उनकी भाषा में जवाब दे सकते हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि भारत से 10 अमेरिकी कंपनियों को बाहर निकालकर अमेरिका को सबक सिखाया जाना चाहिए.