खराब मौसम की आशंका को देखते हुए अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों यात्राओं पर रोक लगाने का फैसला किया है. फिलहाल बेस कैंप से किसी भी श्रद्धालु को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. मौसम और रास्तों की दोबारा समीक्षा के बाद ही यात्रा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा.
अमरनाथ यात्रा के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम के चलते वैष्णो देवी यात्रा पर भी एहतियात के तौर पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया गया है. मौसम विभाग की भारी बारिश और भूस्खलन की गंभीर चेतावनी के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह बड़ा कदम उठाया है.
इस ताजा फैसले को लेकर जम्मू के मंडलायुक्त रमेश कुमार ने साफ किया है कि खराब मौसम की एडवाइजरी के चलते 19 जुलाई को जम्मू से कश्मीर की तरफ कोई नया जत्था आगे नहीं बढ़ेगा. उन्होंने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे फिलहाल जम्मू, ऊधमपुर और रामबन में बनाए गए अपने ठहरने के केंद्रों (Accommodation Centres) पर ही रुके रहें. जब तक प्रशासन की तरफ से आगे के निर्देश नहीं आते, तब तक वहीं इंतजार करें.
जबकि, कश्मीर के मंडलायुक्त अंशुल गर्ग ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में मौसम काफी ज्यादा बिगड़ सकता है. इसी वजह से यात्रियों की भलाई के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था. उन्होंने साफ किया कि मौसम ठीक होने और पूरे रास्ते की सुरक्षा की अच्छी तरह जांच करने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा. आपको बता दें कि इस साल अब तक 3.7 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं.
ऊधमपुर में हुआ बड़ा हादसा
यात्रा रुकने के बीच जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर से एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आई है. यहां जखानी के पास सुबह-सुबह एक सड़क दुर्घटना हो गई, जिसमें अमरनाथ जा रहे उत्तर प्रदेश के पांच तीर्थयात्री और एक स्थानीय ड्राइवर घायल हो गए. घायलों में लखीमपुर और सीतापुर के रहने वाले लोग शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए तुरंत जीएमसी ऊधमपुर में भर्ती कराया गया है. हादसे के बाद नेशनल हाईवे से वाहनों को हटाकर ट्रैफिक को दोबारा चालू कर दिया गया है.
हादसे की जानकारी मिलते ही जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ऊधमपुर के जिला अधिकारी सहित डॉक्टरों से फोन पर बात की. उन्होंने घायल श्रद्धालुओं की सेहत का हाल जाना. इसके बाद अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी को हर मुमकिन मदद के साथ बेहतरीन इलाज मिलना चाहिए. उन्होंने बाबा बर्फानी से सभी भक्तों की सुरक्षित, सुखद यात्रा के लिए प्रार्थना भी की.
पांच दिनों तक भारी आफत की चेतावनी
मौसम विभाग ने श्रीनगर और पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए 19 जुलाई से 23 जुलाई तक भारी बारिश का एक बड़ा अलर्ट जारी किया है. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण पूरे इलाके में मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने की आशंका है. विशेष रूप से 21 से 23 जुलाई के बीच कश्मीर में भारी बारिश होगी, जबकि 20 से 23 जुलाई के दौरान जम्मू के रियासी और ऊधमपुर जिलों में रिकॉर्ड तोड़ बरसात का अनुमान है. जिसे देखते हुए प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर डिवीजन के विंटर जोन में सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां 22 जुलाई तक बढ़ा दी हैं. यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
इस मानसूनी सिस्टम की वजह से पीर पंजाल, गुलमार्ग, पहलगाम और जोजिला जैसे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने का बहुत बड़ा खतरा मंडरा रहा है. यही वजह है कि जम्मू-स्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है. प्रशासन ने पर्यटकों को अपनी यात्रा टालने की सलाह दी है, जबकि स्थानीय लोगों को नदियों और ढलान वाले इलाकों से दूर रहने को कहा गया है.