इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो रही है. इसको लेकर जम्मू-कश्मीर में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा बलों ने इस बार यात्रा की सुरक्षा के लिए 'ऑपरेशन शिवा' नाम से विशेष रणनीति तैयार की है. आजतक ने अमरनाथ यात्रा रूट से एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें यात्रा मार्ग पर किए गए कड़े सुरक्षा इंतजामों की पूरी तस्वीर सामने आई है.
इस बार अमरनाथ यात्रा के दौरान जमीन से लेकर आसमान तक मल्टीलेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है. यात्रा मार्ग, बेस कैंप, संवेदनशील इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों पर सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी रहेगी. सुरक्षा बलों का दावा है कि आतंकियों की किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है.
राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44), जहां से अमरनाथ यात्रियों का काफिला गुजरता है, वहां Valley QAT के विशेष कमांडो तैनात किए गए हैं. ये कमांडो एंटी टेरर ऑपरेशन के एक्सपर्ट माने जाते हैं और किसी भी खतरे से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखे गए हैं. बालटाल और पहलगाम दोनों यात्रा मार्गों पर सुरक्षा को पूरी तरह फुलप्रूफ बनाया गया है.
आजतक ने Valley QAT के इंचार्ज चितेश कुमार से एक्सक्लूसिव बातचीत भी की. उन्होंने बताया कि इस बार सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. पूरे यात्रा मार्ग पर ड्रोन के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है. ऊंचे पहाड़ी इलाकों, जंगलों और संवेदनशील स्थानों पर स्पेशल ड्रोन तैनात किए गए हैं. इसके साथ ही CCTV कैमरों में फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम लगाया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान तुरंत की जा सके और उस पर लगातार नजर रखी जा सके.
यात्रा की सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ गाड़ियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सड़कों पर सुरक्षा बलों की मूवमेंट भी बढ़ा दी गई है. केंद्र सरकार ने अमरनाथ यात्रा के लिए 670 से ज्यादा अर्धसैनिक बलों की कंपनियां तैनात की हैं. गृह मंत्रालय इसको लेकर उच्चस्तरीय बैठकें कर चुका है और सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं.
अमरनाथ यात्रा के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु कश्मीर घाटी और डल झील घूमने भी पहुंचते हैं. इसे देखते हुए CRPF ने 'ऑपरेशन डल' शुरू किया है. CRPF का वाटर विंग डल झील में 24x7 पेट्रोलिंग कर रहा है, ताकि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. आजतक ने डल झील से भी एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की है.
अमरनाथ यात्रा 2026 से जुड़ी प्रमुख बातें: