अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश प्रशासन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने केंद्रीय बजट को दिशाहीन बताया और कहा कि इसमें गरीबों, किसानों और मजदूरों के लिए कुछ भी नहीं है. सत्ता पक्ष के सदस्यों की ओर से लगातार हस्तक्षेप के बीच बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की भाषा छोड़कर एकतरफा व्यापारिक समझौतों की ओर बढ़ गई है, खासकर अमेरिका के साथ.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मेरठ सांसद और रामानंद सागर के मशहूर टीवी सीरियल 'रामायण' में राम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल के बहाने भाजपा पर निशाना साधा. मनरेगा का नाम बदलकर 'वीबी-जी राम जी' करने पर उन्होंने तंज कसा. अखिलेश यादव ने अरुण गोविल का नाम लिए बिना कहा, 'वित्त मंत्री को सदन के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. मनरेगा कोच लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. हमारे राम जी को यहां बैठाना चाहिए, उन्हें पीछे बैठा दिया है.' चूंकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, इसलिए सत्ता पक्ष के सदस्य समझ नहीं पाए कि अखिलेश किसे आगे बैठाने के लिए कह रहे हैं.
जिन्होंने गोली चलवाई वही राम मंदिर बनवा रहे
इस पर भी सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा, 'हे भगवान, वित्त मंत्री राम जी को नहीं जानतीं?' उनकी इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष से किसी ने राम मंदिर आंदोलन के दौरान अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलवाने की घटना का जिक्र किया. अखिलेश यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'जिन्होंने गोली चलवाई, उन्हें राम मंदिर बनवाने का काम सौंपा गया है. जिन्होंने गोली चलवाई वही राम मंदिर बनवा रहे, अगर कुछ नहीं पता तो जाकर पता करो. आधा-अधूरा ज्ञान लेकर यहां मत आया करो.'
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उनका इशारा नृपेंद्र मिश्रा की ओर था, जो राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष हैं. उन्हीं की देखरेख में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है. अयोध्या में 30 अक्टूबर और 2 नवंबर, 1990 को कारसेवकों पर गोली चलने की घटना के दौरान नृपेंद्र मिश्रा तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के प्रधान सचिव थे. वह उत्तर प्रदेश कैडर के 1967 बैच के IAS अधिकारी थे और मुलायम सिंह यादव की सरकार में मुख्यमंत्री के सबसे करीबी और शक्तिशाली नौकरशाह के रूप में काम कर रहे थे.
गरीब, समृद्धि और मुस्कान तीनों बजट से गायब
काशी की विरासत का जिक्र करते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट पर राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा हटाई गई और कई मंदिरों को तोड़ा गया. आरक्षण और कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जब तक दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों को समान अधिकार नहीं मिलेंगे, तब तक भारत को विकसित नहीं कहा जा सकता. अखिलेश यादव ने कहा कि इस सरकार में 11 बजट आने के बावजूद आमदनी नहीं बढ़ी और गरीब, समृद्धि और मुस्कान तीनों ही इस बजट से गायब हैं.