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अस्पतालों का खेल, आयुष्मान कार्ड फेल! जानिए कैसे PM मोदी की मुफ्त इलाज की गारंटी को पलीता लगा रहे हॉस्पिटल

'आजतक' के स्टिंग ऑपरेशन ने आयुष्मान भारत योजना की उन परतों को उधेड़ दिया है, जहां गरीबों को मुफ्त इलाज के नाम पर सिर्फ धक्का मिल रहा है. दिल्ली-नोएडा और गाजियाबाद से लेकर हिमाचल प्रदेश- पंजाब तक अस्पतालों की मनमानी का काला सच सामने आया है.

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आयुष्मान के दुश्मनों को आजतक ने किया बेनकाब (Photo-ITG)
आयुष्मान के दुश्मनों को आजतक ने किया बेनकाब (Photo-ITG)

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों को पांच लाख तक मुफ्त इलाज की गारंटी दी है. लेकिन निजी अस्पतालों की मनमर्जी के सामने गरीबों की उम्मीदें हर दिन दम तोड़ रही है. न कोई सुनने वाला है और न कोई निजी अस्पतालों पर शिकंजा कसने वाला. 'आजतक' के खुफिया कैमरे निजी अस्पतालों के खेल में फेल हो रही आयुष्मान योजना का सनसनीखेज सच कैद है.

5 लाख तक मुफ्त इलाज की गारंटी का नाम है- आयुष्मान कार्ड. सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि देशभर में 31466 अस्पतालों में 41 करोड़ आयुष्मान कार्डधारियों के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा है. कार्ड दिखाते ही अस्पतालों में दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ केयर स्कीम के तरत कैशलैश इलाज मिलेगा.

ये प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी है, लेकिन देश के कई हिस्सों में पीएम की गारंटी पर आयुष्मान योजना के नेटवर्क से जुड़े अस्पताल पलीता लगा रहे हैं.आयुष्मान कार्ड लेकर जरूरतमंद अस्पतालों की मनमानी का शिकार बन रहे हैं. पीएम मोदी ने इलाज का एटीएम तो दे दिया लेकिन देश के कई अस्पतालों में जा ने के बाद लोगों को पता चलता है कि इलाज वाला एटीएम कार्ड चलता नहीं. 

दिल्ली के अस्पतालों की हकीकत

 'आजतक' के अंडरकवर रिपोर्टर नितिन जैन देश की राजधानी दिल्ली में आयुष्मान के दुश्मनों की सच्चाई खुफिया कैमरे में कैद करने निकले. 5 अप्रैल 2025 को रेखा सरकार ने दिल्ली में आयुष्मान योजना को लागू किया, इस दावे के साथ कि 10 लाख तक कैशलैश इलाज मिलेगा.

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जगह- Sushila Hospital पता-नरेला, दिल्ली. आयुष्मान योजना के हॉस्पिटल नेटवर्क में सुशीला अस्पताल का नाम है. 'आजतक' के अंडरकवर रिपोर्टर सुशीला अस्पताल के रिसेप्शन पर पहुंचे. रिसेप्शन पर हमने बताया कि मरीज के पास आयुष्मान कार्ड है और कैशलेश कार्ड से हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी करवानी है. अस्पताल मैनेंजमेंट ने हमें हिप रिप्लेसमेंट सर्ज री के लिए डॉक्टर राकेश से मिलवाया. डॉक्टर राकेश ही सुशीला अस्पताल में हड्डियों के सर्जन हैं.

यह भी पढ़ें: दिल्ली में जल्द लागू होने वाली है आयुष्मान भारत योजना, मंत्रालय ने अस्पतालों को भेजी एडवाइजरी

थोड़ी देर की बातचीत के बाद जैसे ही डॉक्टर रॉकेश को पता चला कि इलाज आयुष्मान कार्ड से होना है तो उन्होंने बहानेबाजी शुरू कर दी. हमें समझाने की कोशिश करने लगे कि आयुष्मान योजना के तहत अच्छा इलाज संभव नहीं है, अगर उन्होंने सर्जरी की तो मरीज को अपनी जेब से पैसे देने पड़ेंगे. डॉक्टर राकेश ने आयुष्मान योजना पर ही सवाल उठा दिया. डॉक्टर राकेश ने दावा किया कि आयुष्मान योजना के तहत घटिया इम्पलांट होगा जबकि मरीज जब तक खुद खर्च नहीं उठाएंगे, तब तक कुछ नहीं हो सकता. हमारी पड़ताल में सुशीला हॉस्पिटल का सच सामने आ गया,आयुष्मान योजना के तहत हॉस्पिटल में इलाज संभव नहीं हैं.

इसके बाद हमारी टीम ने दिल्ली के दूसरे अस्पताल का रुख किया. जगह-यूनिवर्सल सेंटर ऑफ हेल्थ साइंस पता- मोलरबंद एक्सटेंशन, दिल्ली. यहां हमारी मुलाकात आयुष्मान मित्र से हुई. आयुष्मान मित्र का काम हैं आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों की काउंसिलिंग करना. हमने आयुष्मान योजना के तहत कैशलैश इलाज की बात शुरू की.

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आयुष्मान मित्र ने बताया, 'आयुष्मान कार्ड में हिप चेंज करना मुश्किल है. जो पैकेज है न, वो पैकेज में नहीं हो पाता. आयुष्मान मित्र ने साफ कर दिया कि आयुष्मान कार्ड से हिप रिप्लेसमेंट की सर्जरी संभव नहीं है. लेकिन उसमें हमारी मुलाकात हॉस्पिटल के मालिक डॉ. शैलेश जैन से करवाई. शैलेश जैन ने हमें आयुष्मान योजना के तहत इलाज का भरोसा दिया. बातचीत के बाद हमने कई बार डॉक्टर शैलेश को अप्रोच किया लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला. यानी यूनिवर्सल सेंटर ऑफ हेल्थ साइंस ने भी आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने से मना कर दिया.

केंद्र सरकार का दावा है गरीबों को पांच लाख तक मुफ्त इलाज मिलेगा, लेकिन अस्पतालों की मनमानी के चलते आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों को दिल्ली में कैशलेश इलाज नहीं मिल रहा है.

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नोएडा-गाजियाबाद में भी एक जैसी है तस्वीर

इसके बाद आजतक की टीम जीवन ज्योति अस्पताल पता-प्रताप विहार, गाजियाबाद पहुंची. हमने यहां आयुष्मान योजना के तहत हड्डियों के डॉक्टर से मिलने की बात कही. रिसेप्शन से हमें सीधे TPA विभाग में भेज दिया. टीपीए की टीम ने आयुष्मान योजना के तहत सर्जरी से साफ मना कर दिया, ये तब है जब सरकारी वेबसाइट में दावा है कि जीवन ज्योति अस्पताल मे सभी बीमारियों के लिए कैशलेश इलाज आयुष्मान योज ना के तहत मौजूद है. इसी कड़ी में हमारी मुलाकात टीपीए मैनेजर रामजी से हुई. जीवन ज्योति अस्पताल के टीपीए मैनेंजने रामजी ने आयुष्मान योजना के तहत सर्जरी को लेकर अपने हाथ खड़े कर दिये. यानी जीवन ज्योति हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड से सर्जरी संभव नहीं है.

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गाजियाबाद के बाद हम नोएडा पहुंचे जहां सुरभी हॉस्पिटल पहुंचे. ये हॉस्पिटल भी आयुष्मान योजना के नेटवर्क में शामिल है,लेकिन हमारी पड़ताल में यही सच्चाई सामने आई कि कुछ चुनिंदा बीमारियों का इलाज यहां होता है.

यानी दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों की असलियत ये है कि कागज पर आयुष्मान भारत योजना चल रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर गरीब मरीजों को या तो टाल दिया जाता है, या फिर कैश और अतिरिक्त खर्च के नाम पर योजना की धज्जियां उड़ाई जाती हैं.

पंजाब-हिमाचल में बोर्ड लगे, लेकिन इलाज नहीं

दिल्ली-एनसीआर के बाद अब हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी ऐसे अस्पताल सामने आए हैं, जो आयुष्मान कार्ड का बोर्ड तो लगाते हैं, लेकिन मरीज पहुंचते ही इलाज से इनकार कर देते हैं. सोलन के नवजीवन नर्सिंग होम के बाहर साफ लिखा है कि यहां आयुष्मान भारत योजना लागू है.

रिसेप्शन पर पहुंचते ही जवाब मिला, “अब कहीं आयुष्मान कार्ड नहीं चलता… इमरजेंसी में भी इलाज कैश पर होगा.” अस्पताल के मालिक और सर्जन डॉ. एस.आर. शर्मा ने साफ कहा कि सरकार ने एक करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान रोक रखा है, इसलिए निजी अस्पताल आयुष्मान में इलाज नहीं करेंगे.

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चंडीगढ़ से पटियाला तक एक ही कहानी

चंडीगढ़ के मुकट हॉस्पिटल, मोहाली के इंडस इंटरनेशनल हॉस्पिटल, जीरकपुर के जेपी हॉस्पिटल और पटियाला के भाटिया हॉस्पिटल, हर जगह आयुष्मान कार्ड को लेकर अलग-अलग बहाने सामने आए. कहीं कहा गया “THR आयुष्मान में नहीं होता” तो कहीं “डेंगू कवर नहीं है. तो कहीं सीधे कहा गया-“कैश में करवा लो, कार्ड नहीं चलेगा.”

पटियाला के भाटिया हॉस्पिटल में हड्डी रोग विशेषज्ञ ने यहां तक कहा कि आयुष्मान पैकेज इतना कम है कि निजी अस्पतालों को घाटा होता है.

लेकिन पटियाला के भाटिया हॉस्पिटल ने इस स्टिंग ऑपरेशन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहते हैं कि मीडिया प्लेटफॉर्म्स सहित इंडिया टुडे और आज तक पर कुछ समाचार सामग्री प्रसारित की जा रही है, जिसमें हमारे एक ऑर्थोपेडिक सलाहकार के कथित बयानों को आयुष्मान भारत पैकेज दरों और उपचार संबंधी पहलुओं से जुड़े एक कथित स्टिंग ऑपरेशन के हिस्से के रूप में दिखाया जा रहा है. इस संबंध में हम विनम्रतापूर्वक निवेदन करते हैं कि उक्त सलाहकार द्वारा दिए गए किसी भी बयान उनके व्यक्तिगत विचार मात्र हैं. अस्पताल ऐसी किसी भी बातचीत को अधिकृत या उससे जुड़ा नहीं मानता. अस्पताल प्रशासन को ऐसी किसी बातचीत की जानकारी नहीं थी और न ही इसमें उसकी कोई संलिप्तता थी. हम आगे यह स्पष्ट करते हैं कि प्रसारण से पूर्व हमारी राय नहीं ली गई. इससे अस्पताल की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंची है.

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सरकारों का एक्शन मोड

आजतक की पड़ताल के बाद दिल्ली, यूपी और पंजाब सरकारें एक्शन मोड में आ गई हैं. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने साफ कहा- “जीरो टॉलरेंस नोटिस भी जाएंगे, पेमेंट रोकी जाएगी.” वहीं यूपी और पंजाब के स्वास्थ्य मंत्रियों ने भी आयुष्मान योजना को नकारने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है.

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