आज सुबह की ताजा खबर (Aaj Ki Taza Khabar) और समाचार: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में हुए बस हादसे में अब तक 26 यात्रियों के शव बरामद हो चुके हैं. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के पकड़े गए दो गुर्गों ने पुलिस के सामने बड़े राज उगले हैं. पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ बयानबाजी करने वाले नवीन कुमार जिंदल ने कहा कि हमारी कोई इच्छा किसी धर्म या समुदाय को ठेस पहुंचाने की नहीं है. कानपुर के बाद अब आगरा में बाइक की मामूली टक्कर के बाद दो समुदाय भिड़ गए और जमकर पथराव हुआ. पढ़ें 6 जून की सुबह की बड़ी खबरें...
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में हुए बस हादसे में अब तक 26 यात्रियों के शव बरामद हो चुके हैं. दुर्घटना के वक्त बस में 30 लोग सवार थे. सभी यात्री मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के थे. हरिद्वार से यमुनोत्री के दर्शन के लिए जा रहे थे. रविवार शाम तीर्थयात्रियों से भरी बस डामटा रिखाऊं खड्ड के पास 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी थी. बस का पुर्जा-पुर्जा अलग हो गया और लाशें बिखरी गईं. यह मंजर देखकर बचाव करने पहुंचे लोग भी सिहर उठे थे. रात भर चले रेस्क्यू ऑपरेशन में राहत दल ने घायलों को ऊपर सड़क तक लाने में काफी मशक्कत की. चारधाम यात्रियों से भरी बस रविवार शाम करीब 6:45 बजे यमुनोत्री नेशनल हाइवे पर डामटा रिखाऊं खड्ड के नजदीक बेकाबू होने के बाद 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी थी. यह देख राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी.
सिद्धू मूसेवाला से पहले अमित डागर को मारना चाहता था लॉरेंस बिश्नोई, फिरौती देने को हो गया था मजबूर
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के पकड़े गए दो गुर्गों ने पुलिस के सामने बड़े राज उगले हैं. इनका कहना है कि गैंग का पहला टारगेट अमित डागर था, लेकिन जब वे उसको मारने में विफल हुए तो पहले सिंगर सिद्धू मूसेवाला को मारा गया. बता दें कि अमित डागर वही गैंगस्टर है जिसने लॉरेंस बिश्नोई से भी फिरौती मांग ली थी. लॉरेंस गैंग के ये दो गुर्गे राजस्थान के धौलपुर से पकड़े गए थे. अमित डागर का कनेक्शन कौशल गिरोह से बताया जाता है. पकड़े गए दोनों गुर्गों ने कौशल गैंग के गैंगस्टर अमित डागर की पंजाब में रैकी की थी. फिलहाल अमित डागर पंजाब में ही पुलिस रिमांड पर है. पिछले साल युवा अकाली नेता विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या के बाद से ही लॉरेंस बिश्नोई और अमित डागर के बीच विवाद चल रहा है.
Exclusive: पैगंबर पर बयान देने वाले नवीन जिंदल बोले- हम ना डरे हैं, ना डरेंगे
पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ बयानबाजी किए जाने पर बीजेपी से निकाले गए नवीन कुमार जिंदल ने पहली बार आज तक के साथ इस मसले पर बातचीत की. जिंदल ने कहा कि हमारी कोई इच्छा किसी धर्म या समुदाय को ठेस पहुंचाने की नहीं है. जब कोई क्रिया होती है और उसकी प्रतिक्रिया होती है .यह उसी क्रिया पर मेरी प्रतिक्रिया है. दिल्ली बीजेपी के मीडिया प्रभारी नवीन जिंदल पर आरोप है कि उन्होंने पैगंबर मोहम्मद को लेकर कुछ विवादित ट्वीट किए थे. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने एक लेटर जारी किया और बताया कि नवीन कुमार जिंदल ने सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सद्भावना भड़काने वाले विचार प्रकट किए हैं. यह भाजपा के मूल विचार के विरोध में हैं. उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया. बता दें कि पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ बयान देने वाली बीजेपी की प्रवक्ता नुपूर शर्मा को भी पार्टी ने सस्पेंड कर दिया है.
कानपुर के बाद आगरा में भिड़े दो समुदाय, बाइक की मामूली टक्कर के बाद जमकर पथराव
उत्तर प्रदेश के कानपुर के बाद अब आगरा में आगरा में बाइक की मामूली टक्कर के बाद दो समुदाय भिड़ गए और जमकर पथराव हुआ. पथराव ताजगंज के बसई खुर्द इलाके में हुआ. बताया जा रहा है कि बसई खुर्द इलाके की सड़क बनाई जा रही है और दोनों तरफ टाइल्स पड़े हुए हैं. एक मोटरसाइकिल सवार वहां से गुजर रहा था. तभी उसकी मोटरसाइकिल स्लिप कर गई और एक व्यक्ति से टकरा गई. इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हो गई और कहासुनी अचानक पथराव में बदल गई. दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया. एक-दूसरे के ऊपर पत्थर फेंके जाने लगे. पथराव की सूचना पुलिस तक पहुंची. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में किया. अब स्थिति नियंत्रण में है.
साल 1947 में जुलाई का महीना चल रहा था... भारत और पाकिस्तान के बंटवारे की तैयारी जोरों पर थी. दोनों देशों की सीमाएं तय हो रही थीं. सिरिल रैडक्लिफ की अगुवाई वाली कमेटी मैप पर लकीरें खींचकर लाखों-करोड़ों लोगों की किस्मत का फैसला करने में जुटी थी. दुनिया के नक्शे पर दो देश बन रहे थे. दिल्ली से लंदन तक हलचल तेज थी. मैप बनाने वालों को इंसानों की फिक्र कम इलाकों की ज्यादा थी. जिले-तहसील और गांव-कस्बे मैप पर ताश के पत्तों की तरह इधर से उधर फेंटे जा रहे थे. मैप को लेकर सियासी नूराकुश्ती भी तेज थी. लोगों में भी अफवाहें खूब चल रही थीं. खासकर बॉर्डर बन रहे इलाकों में, कि किसका इलाका कहां जाएगा. कभी पड़ोस का जिला उस देश में चला जाता तो कभी पास का जिला इस पार के मैप में शामिल बताया जाता. वैसे तो कश्मीर रियासत का इस बंटवारे से कोई लेना देना नहीं था.