भीषण गर्मी और हीटवेव ने पूरे विदर्भ को अपनी चपेट में ले लिया है. तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. अकेले अकोला जिले में लू से 323 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें एक 30 वर्षीय खेत मजदूर की मौत हो गई है. वहीं, अमरावती सहित पूरे क्षेत्र में कुल 350 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है.
अकोला में लू से पहली मौत, मचा हड़कंप
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अकोला जिले में अब तक 323 लोग लू की चपेट में आए हैं. इनमें से 8 गंभीर मरीजों को हीट स्ट्रोक के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था. इलाज के बाद अधिकांश को छुट्टी दे दी गई, लेकिन तेल्हारा तहसील के शिरसोली गांव निवासी 30 वर्षीय श्याम इंगले की लू लगने से मौत हो गई.
श्याम खेत मजदूर थे और काम के दौरान हीटवेव का शिकार हो गए थे. उनकी मौत की खबर से पूरे जिले में शोक और हड़कंप की स्थिति है. अकोला के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) में अब तक 31 मरीजों का इलाज किया गया है. इनमें से 30 को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि एक मरीज अभी भी भर्ती है. GMC के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. मुकुंद अष्टपुत्रे ने कहा, भीषण गर्मी में लक्षण दिखते ही तुरंत छांव में आना, पानी पीना और डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है. देरी जानलेवा साबित हो सकती है.
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अमरावती में हीटवेव के 10 मामले
अमरावती जिले में हीटवेव के 10 मामले सामने आए हैं. सभी मरीजों का समय रहते इलाज किया गया और उन्हें छुट्टी दे दी गई. राहत की बात यह है कि अमरावती में अब तक लू से किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि, प्रशासन सतर्क है और स्थिति पर नजर रखे हुए है. हीटवेव की गंभीरता को देखते हुए अकोला और अमरावती जिला प्रशासन ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है. खासकर किसान, मजदूर और खुले में काम करने वाले लोगों को भारी शारीरिक श्रम से बचने की हिदायत दी गई है.
अकोला शहर में दोपहर 12 बजे से 5 बजे तक ट्रैफिक सिग्नल बंद रखने का फैसला लिया गया है, ताकि लोग लंबे समय तक धूप में खड़े न रहें. कई सामाजिक संगठनों ने सराहनीय पहल की है. उन्होंने शहर के विभिन्न इलाकों में ग्रीन नेट लगाकर छांव तैयार की है और प्याऊ (पानी की मुफ्त व्यवस्था) शुरू की है, जिससे राहगीरों और मजदूरों को बड़ी राहत मिल रही है.
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वहीं, जिला प्रशासन ने SOP जारी करते हुए सिविल अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में हीटवेव मरीजों के लिए 130 से अधिक बेड रिजर्व रखने के निर्देश दिए हैं. सिविल सर्जन डॉ. आरती कुलवाल ने बताया कि सभी अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की गई है और डॉक्टरों की टीमें 24 घंटे तैयार रहेंगी.
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक विदर्भ में गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहने की संभावना है. दिन का तापमान 46-48 डिग्री तक पहुंच सकता है. वहीं, रात का तापमान भी ऊंचा रहने से राहत नहीं मिल रही है. लोगों से अपील है कि लापरवाही न बरतें. बच्चे, बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति खासतौर पर सावधानी बरतें. कोई भी लक्षण जैसे चक्कर आना, उल्टी, बेहोशी या तेज बुखार दिखे तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें.