शिवसेना (यूबीटी) में 'ऑपरेशन टाइगर' की अफवाहों के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को मुंबई के अपने घर 'मातोश्री' पर पार्टी सांसदों की बैठक बुलाई. बैठक के बाद राज्यसभा सांसद संजय राउत ने साफ कर दिया कि पार्टी के सभी 9 सांसद इस बैठक में मौजूद थे. चाहे वो सीधे आए हों या फोन और वीडियो के जरिए जुड़े हों.
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों 'ऑपरेशन टाइगर' की खूब चर्चा है. खबरें आ रही थीं कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में जा सकते हैं. यानी उद्धव की पार्टी को तोड़ने की कोशिश हो रही है. इन्हीं अफवाहों के बाद उद्धव ठाकरे ने अपने सभी सांसदों को बुलाकर बैठक की.
कौन आया, कौन ऑनलाइन जुड़ा?
बैठक में चार सांसद सीधे मातोश्री पहुंचे. इनमें अरविंद सावंत, राजाभाऊ वाजे, संजय दीना पाटिल और अनिल देसाई शामिल रहे. बाकी पांच सांसद ऑनलाइन जुड़े. संजय देशमुख के घर बेटी की शादी थी, इसलिए वो ऑनलाइन आए. भाऊसाहेब वाकचौरे की पत्नी बीमार हैं, तो वो भी ऑनलाइन जुड़े.
ओमराजे निंबालकर के बेटे की तबीयत ठीक नहीं, इसलिए वो भी ऑनलाइन रहे. नागेश पाटिल अष्टीकर महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव में व्यस्त हैं, तो वो भी ऑनलाइन जुड़े.
संजय जाधव का क्या हुआ?
परभणी से सांसद संजय जाधव बैठक में नहीं थे, जिससे अफवाहें और तेज हो गई थीं. लेकिन संजय राउत ने बताया कि जाधव की उद्धव ठाकरे से फोन पर बात हो गई है और दो दिन में वो खुद मिलने आएंगे. राउत ने कहा कि इसमें कोई बड़ी बात नहीं है.
संजय राउत का पार्टी में संकट से इनकार
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में कुछ पार्टी सांसदों के फिजिकली नहीं मौजूद रहने और संजय जाधव की अनुपस्थिति को पार्टी में आंतरिक संकट से जोड़ने की अटकलों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि संजय जाधव की पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से फोन पर बात हुई है. ओमराजे निंबालकर ने पहले ही पार्टी को सूचित कर दिया था कि उनका बेटा अस्पताल में भर्ती है, इस कारण वह बैठक में फिजिकली शामिल नहीं हो सकेंगे. भाऊसाहेब वाकचौरे की पत्नी बीमार थीं, इसलिए वह बैठक से ऑनलाइन जुड़े. संजय देशमुख अपनी बेटी की शादी के कारण बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए.
राउत ने 'ऑपरेशन टाइगर' पर कसा तंज
उन्होंने कहा कि यह एक नियमित संगठनात्मक बैठक है, जैसी पार्टी अपने विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ समय-समय पर करती रहती है. बैठक से पहले 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि पिछले दो वर्षों से इस तरह की बातें सुनने को मिल रही हैं, लेकिन अब तक कुछ भी सामने नहीं आया है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की चर्चाओं का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश देने के लिए किया जा रहा है. संजय राउत ने 'ऑपरेशन टाइगर' का जवाब 'ऑपरेशन फॉक्स' से देने की बात कही.
एकनाथ शिंदे की शिवसेना का भी खंडन
वहीं, शिंदे गुट के नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने भी 'ऑपरेशन टाइगर' की खबरों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा कि ऐसा कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है. शिरसाट ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के कई नेता और जनप्रतिनिधि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि किसी भी सांसद या नेता के भविष्य को लेकर अंतिम फैसला एकनाथ शिंदे ही करेंगे. शिवसेना के विभाजन के बाद से दोनों गुटों के बीच राजनीतिक खींचतान लगातार जारी है और दोनों पक्ष संगठन और जनप्रतिनिधियों पर अपना प्रभाव बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं.